मोदी का स्वच्छता अभियान यहां फेल

सफाई व्यवस्था ठप होने से रोजेदारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

By: arun garhewal

Published: 16 May 2019, 05:19 PM IST

छिंदवाड़ा. उमरेठ ग्राम पंचायत उमरेठ में साफ. सफाई पूरी तरह ठप है। साफ सफाई नहीं होने के कारण शहरी क्षेत्र के विभिन्न चौक-चौराहों पर कूड़ा कचरे का ढेर लगा है। रमजान के पवित्र महीने में शहर की सफाई व्यवस्था ठप होने से रोजेदारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में यहां वहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है नाले से गंदे पानी का सडक़ पर बहाव जैसी समस्या मुंह बाए खड़ी है। बावजूद नगर पंचायत प्रशासन इस दिशा मे कोई समुचित व्यवस्था नहीं कर पा रही है। गलियां और सडक़े गंदगी से पट गई है। वार्ड में जगह जगह कूड़े का अंबार लगा हुआ है। इससे मच्छर व मक्खी का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं श्वाना यहां गंदगी को सडक़ पर बिखेर देते हैं। लेकिन इस ओर न तो ग्राम पंचायत के सचिव का ध्यान है न ही सरपंच का।
उमरेठ ग्राम पंचायत के वार्डों में कूड़े कचरे सडक़ों पर पड़ा रहने से फेंका हुआ रहने के कारण महामारी फैलने की आशंका बनी हुई है। इसके बाद भी नपा अधिकारी को देखने तक का समय नहीं है। स्वच्छता मिशन के प्रति जिम्मेदार लोगों की लापरवाही के कारण स्वच्छ भारत के सपनों पर भी ग्रहण लगता दिख रहा है।
लाखों रुपये खर्च फिर भी व्यवस्था चरमराई हुई है इसके बाद भी गली मोहल्ले में गंदगी दिख जा रही है। नियमित कूडे का उठाव नहीं होने के कारण कचरों का अंबार लगा रहता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि सफाई के लिए लाखों रुपये प्रतिमाह भुगतान किए जाने के बाद भी सूरत क्यों नहीं बदल रही है। उमरेठ की आबादी लगभग दस हजार है। नियमित रूप से कोई काम नहीं हो रहा। इस कारण कॉलोनीवासी नरकीय जीवन जीने को विवश है।
बड़ी बाजार, मुख्य बाजार के अलावा मस्जिद मोहल्ला, नागराज चौक आदि के भी बुरा हाल है। कॉलोनी में आज भी कई ऐसी सडक़, गली, नाले हैं जो कभी साफ तक नहीं हुआ है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इससे परिजन में आक्रोश है।

arun garhewal
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