इन राज्यों में अब भी सस्ता है पेट्रोल-डीजल, जबकि मध्यप्रदेश में सहम गया आम आदमी

बिगड़ेगा हर घर का बजट: पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ाए जाने पर जिले में तीखी प्रतिक्रिया, सामान के साथ हर सेवा पर पड़ेगा असर

By: prabha shankar

Published: 07 Jul 2019, 07:00 AM IST

छिंदवाड़ा. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड के दाम स्थिर रहने के बावजूद टैक्स के नाम पर पेट्रोल-डीजल पर एक साथ चार रुपए से ज्यादा वृद्धि से आम आदमी सहम गया है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दाम बढ़ाए जाने की शहर समेत जिले में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। इसका प्रत्यक्ष प्रभाव तो वाहन चालकों की जेब पर पड़ेगा, लेकिन अप्रत्यक्ष प्रभाव पूरी अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा। ट्रांसपोर्ट से जुड़े सामान से लेकर सेवाएं तक महंगाई की चपेट में आ जाएंगी।
प्रदेश के 24 जिले ऐसे हैं, जो अन्य राज्यों की सीमा से लगते हैं। ऐसे में अन्य राज्यों में डीजल के दाम कम होने से ट्रक वाले वहीं से डीजल डलवाएंगे। 100 लीटर डीजल भी डलाते हैं, तो 162 रुपए का मुनाफा उनका होगा। महाराष्ट्र में पौने 2, यूपी में 4 और गुजरात में 2 रुपए डीजल मप्र से सस्ता है।
पिछले साल 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद दिसम्बर से ही पेट्रोल-डीजल के दाम में नरमी देखी जा रही थी। इससे आम उपभोक्ता राहत महसूस कर रहे थे। केंद्रीय बजट में मोदी सरकार ने एक रुपए अतिरिक्त ड्यूटी और एक रुपए सेस लगा दिया। इस वृद्धि से आम उपभोक्ता सम्भल पाते, प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने दो रुपए अतिरिक्त चार्ज के नाम पर आम आदमी की कमर तोड़ दी।
इन दोनों सरकारों के टैक्स में वृद्धि से आम उपभोक्ता पर एक लीटर पर 4.67 रुपए तक भार पड़ा है। इसकी आम जनता में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। लोग यह कहते गए कि इस बजट से राहतकारी उपाय की उम्मीद थी। इसकी बजाय टैक्स के नाम पर दाम वृद्धि का बोझ डाल दिया गया है। इसका असर सामान से लेकर सेवाओं तक पड़ेगा।
ऑयल के साथ ज्वेलरी महंगी होने से बिगड़ा शादी का बजट
बजट में पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने तथा ज्वेलरी पर शुल्क 10 से 12.5 प्रतिशत किए जाने का असर शादी के बजट में पड़ा है। आम तौर पर शादी में सब्जी, टेंट, गैस, पानी, मेहमान और बारात समेत अन्य काम में औसतन 30 चौपहिया लगते हैं। इन सबके पेट्रोल-डीजल में वृद्धि देखी जाए तो औसत में 10 से 20 हजार रुपए खर्च बढ़ गए हैं। इसके अलावा ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक आइटम में भी 15 प्रतिशत तक वृद्धि देखी जा रही है।
कुल मिलाकर सरकार ने विवाह कार्यक्रम में लगने वाले खर्च को बढ़ा दिया है। लॉन संचालक व व्यवसायी योगेंद्र राणा का कहना है कि पेट्रोलियम पदार्थों एवं ज्वेलरी में वृद्धि का असर शादी से जुड़ी चीज और सेवाओं पर पड़ा है। जुलाई माह की कुछ तिथियों में शादी हो रही है। इससे आयोजकों के बजट पर असर दिखाई देगा।

केन्द्र सरकार की मूल्यवृद्धि से विकास के आयाम खुलेंगे लेकिन मप्र में पहले से ही पेट्रोल-डीजल पर टैक्स अधिक है। तब कमलनाथ सरकार का फैसला आम जनता पर बोझ ही बनेगा।
-नरेन्द्र परमार, जिलाध्यक्ष भाजपा।

पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि से वस्तुओं और सेवाओं पर असर पड़ेगा। इसके लिए जिम्मेदार मोदी सरकार है। राज्य ने इसके अनुरूप ही निर्णय लिया है।
-गंगा तिवारी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।

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