मोबाइल लेकर डॉक्टर कर रहे थे इलाज, तभी कुछ ऐसा हो गया

Dinesh Sahu | Publish: Sep, 03 2018 11:33:19 AM (IST) Chhindwara, Madhya Pradesh, India

लापरवाही: जख्मी को देखते समय भी मोबाइल पर व्यस्त रहते डॉक्टर, मरीज से ज्यादा मोबाइल पर ध्यान

छिंदवाड़ा . दुर्घटना में गम्भीर रूप से जख्मी मरीजों के उपचार को लेकर भी डॉक्टर गंभीर नहीं है। इनके लिए जख्मी मरीज को देखने की जगह मोबाइल पर बात करना ज्यादा जरूरी होता है। एेसा ही एक मामला रविवार को दोपहर ३.३० बजे जिला अस्पताल की ट्रामा यूनिट में देखने को मिला। इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे डॉक्टर घायल का उपचार करते समय मोबाइल पर व्यस्त थे।

 


दरअसल, छिंदवाड़ा के ग्राम सारना के समीप दो मोटरसाइकिल में दोपहर 2.45 बजे आमने-सामने की भिडं़त हो गई। इसमें खेत से काम कर लौट रहे सारना निवासी दिनेश (40) पिता गन्नोप्रसाद पंचेश्वर तथा हिरदागढ़ के छिंदीकामथ निवासी अशोक यदुवंशी (35) बुरी तरह से जख्मी हो गए।

 

लापरवाही: जख्मी को देखते समय भी मोबाइल पर व्यस्त रहते डॉक्टर, मरीज से ज्यादा मोबाइल पर ध्यान

 

एंबुलेंस 108 ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान ट्रामा यूनिट में आकस्मिक माइनर शल्य क्रिया कक्ष में घायल का उपचार करते समय ड्यूटी डॉक्टर मोबाइल पर बात करने में अधिक व्यस्त दिखे। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही शनिवार को जिला अस्पताल में हादसे में घायल मरीज को डॉक्टरों द्वारा उपचार देने की जगह इधर से उधर भटकराया जा रहा था। इसके कारण आक्रोशित परिजन ने परिसर में खूब हंगामा कर तोड़-फोड़ की थी। परिजन चिकित्सा अधिकारी से उलझे भी थे। इसके बावजूद रवैए में सुधार नहीं आया है।


एक वार्डब्वॉय के भरोसे व्यवस्था -


इमरजेंसी ड्यूटी के समय अक्सर हादसे और गंभीर स्थिति के मरीज जिला अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन इस दौरान ट्रामा यूनिट में एक ही वार्डब्वॉय मौजूद रहता है। इसके कारण एंबुलेंस से मरीज को डॉक्टर तक ले जाने में दिक्कत होती है।

 

दूसरों को देते हैं हिदायत


शासन के नियमानुसार उपचार के दौरान मोबाइल पर बात करना प्रतिबंधित है। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा कई बार स्वास्थ्य कर्मचारियों को हिदायत दी गई, लेकिन अधिकारियों का नियंत्रण अपने डॉक्टरों पर नहीं होने से नियमों की अवेहलना हो रही है।

 

MP/CG लाइव टीवी

Ad Block is Banned