पक्षकारों में दूर होगी वैमनस्यता

जल्द होगा निराकरण

By: sunil lakhera

Published: 29 Mar 2019, 05:06 PM IST

जुन्नारदेव. न्यायालयों में प्रकरणों की बढ़ती संख्या और पक्षकारों के मध्य तेजी से घर करती आपसी प्रतिद्वंद्विता और वैमनस्यता के समाधान हेतु उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार मध्यस्था की नई पहल शुरू की जा रही है।
इसके लिए स्थानीय सिविल कोर्ट में वैकल्पिक विवाद समाधान मध्यस्थता केंद्र (एडीआर) भवन का शुभारंभ किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस भदोरिया के द्वारा सिविल कोर्ट परिसर में नवनिर्मित इस मध्यस्थता केंद्र का लोकार्पण किया गया। इस दौरान जिले सभी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सहित व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 1 एवं वर्ग 2 भी मौजूद थे। इसी दौरान न्यायालय परिसर में नवनिर्मित ममत्त्व कक्ष का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा तथा आभार प्रदर्शन न्यायाधीश अशोक सैनी ने किया। स्वागत भाषण जुन्नारदेव व्यवहार न्यायालय के न्यायाधीश सतीश गुप्ता ने पढ़ा। कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ के धर्मेंद्र राव, सलीमुद्दीन, दिलीप श्रीवास्तव, तरुण जैन, सचिन वाजपेई, अंशुमन मिगलानी, आरडी भोंडेकर, अभिषेक ठाकर, रंजीता डहेरिया, मीनाक्षी शर्मा, एवं एडम मालवीय, अजय मालवीय, प्रशांत सोनी व अन्य अधिवक्तागण मौजूद रहे।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस भदौरिया ने कहा कि प्रकरणों की तेजी से बढ़ती संख्या और पक्षकारों के मध्य वैमनस्यता की स्थिति को साधने के उद्देश्य से विधि के ज्ञाताओं के द्वारा पक्षकारों के मध्य आपसी समझ बूझ की स्थिति बनाकर मामले का निराकरण की दिशा में पहल की जाएगी। इससे जहां एक ओर प्रकरणों का न्यायालय पर बढ़ता दबाव भी कम होगा तो वहीं दूसरी ओर पक्षकारों के मध्य आपसी समन्वय एवं सामंजस्य बना रहेगा।

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