भारत बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे लोग, मोदी सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

भारत बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे लोग, मोदी सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

Akanksha Singh | Publish: Sep, 06 2018 01:35:03 PM (IST) | Updated: Sep, 06 2018 03:51:41 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

एससी एसटी एक्ट के खिलाफ सवर्ण समाज के भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला।

चित्रकूट. एससी एसटी एक्ट के खिलाफ सवर्ण समाज के भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। कस्बाई व ग्रामीण क्षेत्रों में भी सवर्णों ने बंद का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार को चेताया कि इस काले कानून पर पुनः विचार करें। भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट में बंदी का खास असर रहा। मुख्यालय सहित पूरे जनपद में भारत बंद के तहत प्रमुख बाजार बंद रहे। इस दौरान जुलुस निकालते हुए लोगों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस काले कानून को तानाशाही का प्रतीक बताते हुए सरकार को चेतावनी दी गई। सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के समाज ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा अधिकारियों को जिसमें इस काले कानून को ख़त्म करने की मांग की गई।

मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
भारत बंद के दौरान जनपद में भी व्यापक स्तर पर बंदी का असर रहा। सुबह से ही सभी प्रमुख बाजार जनपद के बंद रहे और 10 बजते बजते बंदी के समर्थन में बड़ी संख्या में सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। जुलूस निकालते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जनपद मुख्यालय सहित मऊ पहाड़ी राजापुर मानिकपुर भौंरी जैसे प्रमुख बड़े बाजार बंद रहे। इन इलाकों में व्यापारी वर्ग ने भारत बंद का समर्थन किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि सरकार के इस कानून से समाज में खाई जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है और सवर्णों दलितों को लड़ाने का षड्यंत्र ऐसे कानूनों के तहत रचा जा रहा है। केन्द्र सरकार इसपर पुनः विचार करे अन्यथा लोकसभा चुनाव में भाजपा को इसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ सकता है।


ग्रामीण क्षेत्रों में बंदी का असर
ऐसा नहीं कि भारत बंद का असर सिर्फ मुख्यालय और कस्बाई इलाकों में ही रहा हो बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंद का असर व्यापक पैमाने पर देखने को मिला। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों के बंद के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा।

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