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हाईजैक हुई गंगा-कावेरी एक्सप्रेस ट्रेन, यात्रियों में मचा हड़कम्प, किया गया जानलेवा हमला

यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आए दिन दम्भ भरने वाले रेलवे के मठाधीश शायद कोई सबक लेने को तैयार नहीं हैं।

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हाईजैक हुई गंगा-कावेरी एक्सप्रेस ट्रेन, यात्रियों में मचा हड़कम्प, किया गया जानलेवा हमला

चित्रकूट. यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आए दिन दम्भ भरने वाले रेलवे के मठाधीश शायद कोई सबक लेने को तैयार नहीं हैं। कई बार हो चुकी लूट पाट की घटनाओं के बावजूद भी मुंबई हावड़ा रेलमार्ग के अति व्यस्ततम रेल खण्ड इलाहाबाद मानिकपुर के बीच पनहाई स्टेशन के पास लुटेरों ने चेन्नई से पटना जाने वाली गंगा कावेरी एक्सप्रेस ट्रेन(12669) में धावा बोलते हुए यात्रियों से लूट पाट की वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर यात्रियों को बेरहमी से पीटा भी गया जिसमें आधा दर्जन यात्री गम्भीर रूप से घायल हो गए जिन्हें इलाहाबाद में भर्ती कराया गया है। लूट की वारदात के बाद पूरा रेल प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है।

सुरक्षा ताक पर, जान खतरे में
इलाहाबाद मानिकपुर सतना रेलखण्ड यदि कहा जाए कि रेल यात्रियों के लिए मंगलमय न होकर अशुभ है तो गलत नहीं होगा। इस रेल खण्ड पर एक दो बार नहीं बल्कि कई बार यात्रियों के साथ लूट पाट की घटनाएं हुईं और विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की कोशिश भी की गई। एक घटना में तो एक रशियन महिला की डकैतों ने लूट का विरोध करने के दौरान हत्या कर दी थी। लगभग 12 वर्ष पहले इस लूटकांड को ददुआ गैंग के कुख्यात डकैत राजू कोल द्वारा अंजाम दिया गया था। जिस गंगा कावेरी एक्सप्रेस ट्रेन में रविवार सोमवार देर रात लूट की वारदात को अंजाम दिया गया उसमें इसी वर्ष 23 मई को भी बदमाशों ने एसी ए-2 कोच में दो यात्रियों के साथ लूट पाट की थी। यात्री नागपुर के थे। इसी रेलखण्ड के बांसा पहाड़ स्टेशन के पास 11 अगस्त को डकैतों ने मालगाड़ी के दो गार्डों को लूट लिया था। 15 जनवरी 2016 को इटारसी पैसेंजर में चित्रकूट के टिकरिया व् मझगवां (मध्य प्रदेश) स्टेशन के बीच आधा दर्जन असलहाधारी बदमाशों ने यात्रियों के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था। ट्रेन इलाहाबाद जा रही थी।


नहीं लिया गया कोई सबक
यात्रियों के साथ इस रेलखण्ड पर हुईं और हो रही ऐसी अप्रिय घटनाओं के बाद भी रेलवे के पहरुए कोई सबक सीखने को तैयार नहीं। जीआरपी आरपीएफ की टीमें खानापूर्ति के नाम पर ट्रेनों में कर्तव्य की इतिश्री कर देती हैं। इस लूटकांड(गंगा कावेरी एक्सप्रेस) में भी एस्कॉर्ट के रूप में चल रहे जीआरपी के चार जवानों ने भी कोई एक्शन नहीं लिया। एस्कॉर्ट में दो जवान जीआरपी मानिकपुर जबकि 2 जीआरपी इलाहाबाद के तैनात थे। वारदात के बारे में थानाध्यक्ष मानिकपुर केपी दुबे ने बताया कि लुटेरों की तलाश में डॉग स्क्वायड सर्विलांस की टीम के साथ कॉम्बिंग जारी है। यदि जीआरपी जवानों ने वारदात के समय साहस दिखाते हुए एक्शन लिया होता तो बदमाश पकड़ में आ सकते थे और वारदात को शायद रोका जा सकता था।