कुख्यात बबुली को ठिकाने लगाने के लिए खाकी ने बीहड़ में डाला डेरा, दस्यु प्रभावित गांवों में चला तलाशी अभियान

पुलिस ने गैंग के प्रमुख शरणदाताओं को निशाने पर लिया है...

चित्रकूट. कुख्यात दस्यु सरगना साढ़े पांच लाख के इनामी बबुली कोल को ठिकाने लगाने के लिए खाकी की कई टुकड़ियों द्वारा बीहड़ में गुपचुप डेरा डालने की खबर ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है हालांकि सूत्रों के मुताबिक अभी तक डाकुओं की कोई सटीक लोकेशन पुलिस ट्रेस नहीं कर पाई है लेकिन जंगलों व् बीहड़ों और दस्यु प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चलाते हुए पुलिस ने गैंग के प्रमुख शरणदाताओं को निशाने पर लिया है। इस पूरी कवायद को लेकर पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि सटीक मुखबिरी हो जाती है तो गैंग के खिलाफ अभियान में सफलता मिल सकती है। बहरहाल इस तरह के अभियान हमेशा चलाए जाते रहे हैं खाकी के द्वारा लेकिन अभी तक सफलता प्राप्त नहीं हो पाई है। खाकी के अंदरखाने के सूत्रों के मुताबिक डकैतों के खिलाफ अभियान में गोपनीय रूप से कुछ बदलाव किया गया है जिससे हो सकता है कि आने वाले दिनों में कोई चौंकाने वाली खबर मिल जाए।

 

बीहड़ में खौफ की इबारत लिखने वाले दहशतगर्द कुख्यात दस्यु बबुली को उसके अंजाम तक पहुंचाने के लिए पुलिस हर तरह का जतन करने में पसीना बहा रही है। अब एक खास गोपनीय रणनीति के तहत खाकी की कई टीमें साइलेंट मोड में दस्यु गैंग के संभावित ठिकानों वाले स्थानों पर डेरा डालते हुए गैंग को ट्रेस करने का प्रयास करेंगी और डकैतों के शरणदाताओं को भी चिन्हित करते हुए उनसे डकैतों की लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास करेंगी।

 

दस्यु प्रभावित इलकोंमें चला तलाशी अभियान

गैंग की तलाश में मानिकपुर व् मारकुंडी थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से दस्यु प्रभावित गांवों में डाकुओं की तलाश में तलाशी अभियान चलाया। करौंहा, लक्ष्मणपुर, शेखापुर, नागर, और निही चिरैया जैसे अति संवेदनशील गांवों व् इनके आस पास के बीहड़ों और जंगलों में पुलिस फ़ोर्स ने सर्च ऑपरेशन चलाते हुए डाकुओं के खास मददगारों के बारे में जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने बताया कि पूरी मुस्तैदी के साथ डकैतों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है प्रयास है कि कोई बड़ी सफलता मिल जाए।

 

तो मिल सकती है बड़ी खबर

बीहड़ के सूत्रों के मुताबिक इस तरह का अभियान पुलिस अक्सर चलाती है लेकिन जब तक सटीक मुखबिर गैंग का लोकेशन नहीं बताएगा तब तक डाकुओं तक पहुंचना खाकी के लिए मुश्किल साबित होगा। वहीँ दूसरी तरफ पुलिस सूत्रों के मुताबिक कई स्तर पर डकैतों के खिलाफ अभियान में बदलाव किया गया है। अब बीहड़ के उन मददगारों को ट्रेस किया जा रहा है जो अक्सर निशाने पर नहीं रहते थे। इसके अलावा कई स्थानों पर पुलिस मौजूद रहते हुए डकैतों को पकड़ने का जाल बिछा रही है।

नितिन श्रीवास्तव
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