इनसाइड स्टोरी: जख़्मी सरदार को गोलियों की बौछार के बीच से निकाल ले गया था"पंजाबी"

इनसाइड स्टोरी: जख़्मी सरदार को गोलियों की बौछार के बीच से निकाल ले गया था

Mahendra Pratap | Publish: Aug, 13 2018 01:01:53 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

जंगलिया उर्फ़"पंजाबी" बबुली गैंग का एक ऐसा मोहरा था जिसे बीहड़ के चप्पे चप्पे की जानकारी थी

चित्रकूट: एक बार फिर साढ़े पांच लाख का इनामी खूंखार डकैत बबुली कोल खाकी की गोलियों का निशाना बनते बनते रह गया और बीहड़ के अबूझ रास्तों से खाकी को चकमा देते हुए विलीन हो गया. रविवार की शाम मानिकपुर के कल्याणगढ़ करौंहा जंगल में गैंग के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में भले ही बबुली बच निकला हो लेकिन उसके दाहिने हांथ को खाकी ने मुठभेड़ स्थल से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है. पुलिस के हत्थे चढ़े गैंग के हार्डकोर मेंबर 50 हजार के इनामी जंगलिया उर्फ़"पंजाबी" बबुली गैंग का एक ऐसा मोहरा था जिसे बीहड़ के चप्पे चप्पे की जानकारी थी और गैंग को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने की जिम्मेदारी इसी पर होती थी. पंजाबी ने पिछले वर्ष पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में अपने जख्मी सरदार बबुली को गोलियों की बौछार के बीच से सुरक्षित निकाल लिया था तब से यह बबुली का दाहिना हांथ बन गया.

खूंखार डकैत के रूप में थी दहशत

50 हजार के इनामी डकैत पंजाबी को गैंग के खूंखार डकैतों में से एक के रूप में बीहड़ के इलाकों में जाना जाता था. मानिकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नागर गांव का निवासी जंगली उर्फ़ पंजाबी कुख्यात डकैत दस्यु सम्राट ददुआ के समय बीहड़ की दुनिया में उतरा और ददुआ गैंग में रहकर कई वारदातों में शामिल रहा. 2007 में ददुआ के इनकाउंटर के बाद कुछ दिन वह बलखड़िया व् रागिया जैसे कुख्यात डकैतों के साथ भी रहा. रागिया(2011) व् बलखड़िया(2015) के इनकाउंटर के बाद पंजाबी बलखड़िया के शागिर्द रहे दस्यु बबुली कोल के साथ उसकी गैंग में शामिल हो गया और फिर नए सिरे से बीहड़ में अपनी दहशत कायम करनी शुरू कर दी.

बीहड़ का खासा जानकर

दस्यु पंजाबी पाठा के बीहड़ों का खासा जानकार माना जाता था. गैंग में वह अन्य सदस्यों से काफी उम्रदराज भी था. बीहड़ के कई दुर्गम रास्तों की सटीक जानकारी के चलते पंजाबी गैंग के लिए किसी राडार से कम नहीं था. गैंग के लिए उसका प्रमुख काम होता था सरकारी निर्माण कार्यों से चौथ यानी रंगदारी वसूलना और न देने पर सम्बंधित ठेकेदारों को धमकाना और उनके साथ मारपीट कर इलाके में दहशत फ़ैलाना.

जख़्मी हालत में बबुली को निकाला था सुरक्षित

पिछले वर्ष(2017) 24 अगस्त को मानिकपुर के निही चिरैया जंगल में पुलिस के साथ हुई गैंग की भीषण मुठभेड़ के दौरान दस्यु सरगना बबुली खाकी की गोलियों से जख़्मी हो गया था, गोली बबुली के पैर में लगी थी. सरदार को इस तरह जख़्मी हालत में गोलियों की बौछारों के बीच से पंजाबी ने सुरक्षित निकालते हुए बीहड़ के महफ़ूज ठिकाने तक पहुंचाया था. यही नहीं बीहड़ के सूत्रों के मुताबिक बबुली का इलाज भी पंजाबी ने ही करवाया था. उस दौरान बबुली ज़्यादा चलने फिरने की स्थिति में नहीं था जिसपर पंजाबी ने गैंग की कमान संभाल रखी थी.

पूछताछ जारी

रविवार को मुठभेड़ में गिरफ्तार डकैत पंजाबी से खाकी की पूछताछ जारी है. सूत्रों के मुताबिक पुलिस उक्त डकैत से गैंग की फायर पावर उसके सुरक्षित ठिकानों और खास मददगारों के विषय में जानकारी हांसिल कर रही है. पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने बताया कि गिरफ्तार डकैत से कई अहम जानकारियां हांथ लगी हैं जो दस्यु गैंग के खात्में में मददगार साबित होंगी जल्द ही बबुली का सफाया किया जाएगा.

 

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