खाकी को चुनौती: इधर थाने में चल रही थी पीस कमेटी की बैठक उधर हमलावर बरसा रहे थे ताबड़तोड़ गोलियां

खाकी को चुनौती: इधर थाने में चल रही थी पीस कमेटी की बैठक उधर हमलावर बरसा रहे थे ताबड़तोड़ गोलियां

By: Ruchi Sharma

Updated: 07 Jun 2018, 01:57 PM IST

चित्रकूट. प्रदेश में कानून के राज के हुक्मरानों के दावे किस कदर खोखले साबित हो रहे हैं इसकी चीखती तस्वीर चित्रकूट में उस समय लोगों ने देखी जब थाने से महज कुछ मीटर की दूरी पर हमलावर एक काले रंग की स्कॉर्पियो को निशाना बनाते हुए बेख़ौफ़ होकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा रहे थे। जिस समय मौत का यह खौफनाक खेल खेला जा रहा था उस समय थाने में कानून व्यवस्था को लेकर पीस कमेटी की बैठक हो रही थी।

घटना के बाद सम्बंधित थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गए हैं। एसपी ने खानापूर्ति कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। उधर घटना के बाद इलाके में दहशत की हवा चल रही है। क्षेत्र में सनाटा खिंच गया है।

चित्रकूट में थाने से महज कुछ कदम दूर जिस तरह ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं और दौरान ए वारदात जिस तरह पुलिस की सक्रियता दिखाई पड़ी उसे लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। बाहुबली सपा नेता पर हुए जानलेवा हमले उसमें नेता के भतीजे की मौत से इलाके में लोग असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। थाना पुलिस की कहीं खुलकर तो कहीं दबी जुबान से कार्यशैली निशाने पर रखी जा रही है।

बेख़ौफ़ हमलावर

इसे हमलावरों का बेख़ौफ़ अंदाज ही कहा जाएगा कि उन्होंने थाने से चंद कदम दूर तहसील के पास गोलियों की बरसात कर दी बाहुबली सपा नेता उग्रसेन मिश्रा पर। दरअसल बुधवार को दिन दहाड़े सपा नेता पर उस समय घात लगाकर हमला किया गया जब वे अपने भतीजे व कुछ साथियों के साथ मऊ सीओ रजनीश यादव से मिलकर लौट रहे थे। नेता की काले रंग की स्कॉर्पियो जैसे ही थाने से लगभग 100 मीटर दूर तहसील गेट के सामने पहुंची कि हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सपा नेता उग्रसेन और साथी किसी तरह तो बच गए लेकिन नेता के भतीजे दुर्गेश को गोलियों ने निशाना बनाते हुए छलनी कर दिया और उसकी मौत हो गई।

बंद होने लगी दुकाने सहम गए राहगीर

घटना के समय आस पास की खानपान की दुकानों पर रोजमर्रा की तरह चहल पहल थी। चूंकि तहसील की वजह से भीड़ भाड़ भी बनी रहती है, किसी को अंदाजा भी न था कि अगले पल क्या होने वाला है। अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से तहसील क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई, जो जिस स्थिति में था सहमा हुआ सा इधर उधर दुबक गया। रास्ते से गुजरने वाले कई राहगीर तो गोलियों की आवाज से खौफजदा हो अपने वाहनों से लड़खड़ाते हुए गिर पड़े. दुकाने धड़ाधड़ बंद होने लगीं और कुछ देर बाद इलाके में सन्नाटा छा गया।

थाने में चल रही पीस कमेटी की बैठक

जिस दौरान गोलियां मौत का खुला खेल खेल रही थीं उसी दौरान क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने को लेकर थाने में पीस कमेटी की बैठक चल रही थी। हमले में निशाना बने सपा नेता किसी तरह अपनी स्कॉर्पियो थाने के अंदर तक ले आए तब पुलिस को हमले की जानकारी हुई। गोली लगने से खून से लथपथ सपा नेता का भतीजा स्कॉर्पियो में ही अचेत पड़ा हुआ था।

इलाहाबाद की ओर भागे हमलावर

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावर इलाहाबाद की ओर भागे थे। इस दौरान पुलिस की सक्रियता पर भी ग्रहण लगता है क्योंकि इलाहाबाद मार्ग पर ही मऊ थाने से 12 किलोमीटर बरगढ़ थाना पड़ता है और मऊ थाना क्षेत्र से इलाहाबाद जाने का एक ही मार्ग है ऐसे में हमलावरों को ट्रेस न कर पाना कई सवाल खड़े करता है।

गैंगवार की सम्भावना से सहमे इलाकाई लोग

जिस बाहुबली सपा नेता उग्रसेन मिश्रा पर जानलेवा हमला किया गया है उसकी इलाकाई रंजिश मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख द्वारिका प्रसाद द्विवेदी उर्फ़ पप्पू अहिरी से कई वर्षों पहले थी। सन 2007 में इलाहाबाद के शिवराजपुर कस्बे में दिन दहाड़े पप्पू अहिरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जिसमें सपा नेता का नाम खुलकर सामने आया था। तभी से मृतक के परिवार के लोगों और सपा नेता के बीच कई बार खूनी टकराव होते होते बचा। हालांकि सपा नेता पर 2016 में उसी के गृह क्षेत्र बरगढ़ में रात में जानलेवा हमला किया गया था लेकिन वह बच निकला, और अब एक बार फिर 6 जून 2018 बुधवार को उसके ऊपर हमला किया गया जिसमें वह(सपा नेता) एक बार फिर बच गया लेकिन उसका भतीजा गोलियों से छलनी हो गया। अब इलाके के लोग आने वाले दिनों में बदले की वारदात की आशंका से आशंकित हैं। क्षेत्रीय चर्चाओं के मुताबिक सपा नेता का पक्ष भी हत्या का बदला ले सकता है आने वाले दिनों में जिससे इलाके में गैंगवार हो सकता है।

हमलावरों की तलाश में दबिश

मामले में सपा नेता की ओर से 9 नामजद सहित 10 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मऊ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि हमलावरों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और उनके पनाहगारों को भी ट्रेस किया जा रहा है, पुलिस जल्द हमलावरों को गिरफ्तार करने के प्रयास में लगी हुई है।

सपा ने कहा कानून व्यवस्था हाशिए पर

हमले के बाद सपा नेताओं ने पुलिस व प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था किस कदर हाशिए पर है इसकी सच्ची तस्वीर है। पार्टी के जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने कहा कि थाने से सौ मीटर दूर हमलावर वारदात को अंजाम देते हैं और पुलिस लकीर की फ़क़ीर साबित होती है तो इससे समझा जा सकता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कितनी ध्वस्त है।

Ruchi Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned