गैस रिसाव से खराब हो रही है अन्नदाता की मेहनत

चित्तौडग़ढ़. पुठोली स्थित हिन्दुस्तान जिंक के आसपास के लोग जिंक प्लांट से गैस रिसाव होने से उनकी फसलें खराब हो रही है। होने का आरोप लगाते हुए शनिवार को जिंक के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिंक का मुख्य द्वार बंद कर दिया।

By: Avinash Chaturvedi

Published: 26 Dec 2020, 11:25 PM IST

चित्तौडग़ढ़. पुठोली स्थित हिन्दुस्तान जिंक के आसपास के लोग जिंक प्लांट से गैस रिसाव होने से उनकी फसलें खराब हो रही है। होने का आरोप लगाते हुए शनिवार को जिंक के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिंक का मुख्य द्वार बंद कर दिया। बाद में गिरदावरी के आधार पर मुआवजा देने के आश्वासन पर सहमति बनी।जानकारी के अनुसार पुठोली सहित मूंगा का खेड़ा, रावतों की चौकी आदि गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरूष शनिवार को सुबह हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य द्वार पर पहुंचे और वहां धरना देकर प्रदर्शन करने लगे। लोगों का आरोप था कि जिंक प्लांट से २४ दिसंबर की रात गैस रिसाव होने के कारण उनकी आंखों में जलन की समस्या हो गई और तबीयत खराब होने लगी। इन लोगों का आरोप था कि गैस रिसाव के कारण उनकी फसलें खराब हो गई है, जिसका मुआवजा दिया जाए। इन लोगों ने जिंक का मुख्य द्वार बंद कर दिया। इस दौरान गंगरार प्रधान रविन्द्र सिंह व सरपंच रणजीत सिंह भाटी भी मौजूद रहे। सूचना मिलने पर चंदेरिया थाना प्रभारी अनिल जोशी, गंगरार थाना प्रभारी शिवराज गुर्जर मय जाप्ता मौके पर पहुंचे । बाद में गंगरार तहसीलदार नरेश गुर्जर भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से समझाइश का प्रयास करने लगने, लेकिन प्रदर्शनकारी जिंक प्रबंधन से मुआवजा दिलाने के बाद ही धरना खत्म करने की बात पर अड़ गए। बाद में तहसीलदार व पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में यूनिट हेड सी.चन्द्र धरना स्थल पर पहुंचे और लोगों से बात की। इसके बाद एक प्रतिनिधि मण्डल ने तहसीलदार की मौजूदगी में जिंक प्रबंधन से वार्ता की। इस दौरान दोनों पक्षों में सहमति बनी कि फसलों को हुए नुकसान की गिरदावरी करवाई जाएगी और उसके आधार पर मुआवजा देने की कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद अपराह्न करीब तीन बजे धरना समाप्त कर दिया गया।गंगरार तहसीलदार नरेश गुर्जर ने बताया कि किसानों की फसलों में हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलवाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा जिंक प्रशासन को हिदायत दी गई है कि वह अपने प्लांट का संचालित करते समय पूरी सावधानी बरतें, ताकि किसी को कोई नुकसान नहीं हो।

Avinash Chaturvedi
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