
कहां पर पलक व पलाश के साथ में थिरकने लगे युवा
चित्तौडग़ढ़. चित्तौड़ की धरा पर पलक व पलाश मुछाल के गीतों की जुगलबंदी ने लोगों का दिल जीत लिया। तीन दिवसीय चित्तौड़ फोर्ट फेस्टिवल की अंतिम प्रस्तुति के रूप में शहर के गोराबादल स्टेडियम में आयोजित स्टॉर नाइट में बॉलीवुड की मशहूर पाश्र्व गायिका पलक मुछाल व उसके भाई पलाश मछाल के सुरो का जादू बिखरा। उन्होंंने स्वयं के गाए गानों के अलावा श्रोताओं की मांग पर पुराने फिल्मी गीत भी सुनाए तो श्रोता मंत्र मुग्ध हुए।पलाश ने भीड़ और अतिथियों के बीच जाकर गीत गाए तो युवा उनके साथ ही थिरकने लगे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के अलग अलग समूह भी मंच पर आए और कई गानों पर झूमें । लोग सर्द हवाओं की परवाह किए बिना पलक-पलाश के सुरो के जादू में डूबे रहे। पलक ने प्रेम रतन धन पायो, एक सनम चाहिए आशिकी के लिए, तुझे देखा तो यह जाना सनम, राजा को रानी से प्यार हो गया,बहुत प्यार करते है तुमसे सनम जैसे फिल्मी नगमों पर अपनी अवाज का जादू बिखरा। श्रोताओं की मांग पर पलक पलाश की जोडी ने कभी यादों में आना, हुआ है आज पहली बार, देखा हज़ारो दफा, जब तुम चाहो, मेरी आशिक़ी अब तुम ही हो, गोरी तू लठ मार आदि गीतों की भी प्रस्तुति दी ।पलाश ने अंगुलियों की बजाय सिर से पियानो को बजा लोगो को आश्चर्यचकित कर दिया। स्वरों के अद्भुत सामजंस्य ने संगीत को लोगों के मन में उतार दिया। एक बार तो श्रोता समझ ही नहीं पाएं कि आवाज किधर से आ रही है पर जब सिर पर पलाश के हाथों की गति देख उनको माजरा समझ में आया।
पलक के साथ विदेशी भी थिरके
मंच पर पलक की प्रस्तुति के बीच श्रोताओं के रूप में बैठे विदेशी सैलानियों का अचानक मंच पर आना चर्चा का विषय बना। माधुरी दीक्षित पर फिल्माए गए गाने एकए दो तीनण्ण्ण्ण्ण्आजा पिया आई बहार पर विदेशियों ने शब्दों से अनजान पर संगीत की लय पर जमकर नृत्य किया। इस अवसर पर पलक ने कहा कि हमारी भारतीय संगीत की यहीं खासियत है कि वो भिन्न.भिन्न संस्कृति को भी अपने में समाहित कर थिरकने पर मजबूर कर देती है।
Updated on:
14 Feb 2019 01:30 pm
Published on:
14 Feb 2019 01:30 pm
