मीनाक्षी मंदिर प्रतिष्ठित स्वच्छ स्थलों में दूसरे स्थान पर

मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर को देश में दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ प्रतिष्ठित स्थल (आइकॉनिक प्लेस) घोषित किया गया है।

By: Rahul sharma

Updated: 11 Sep 2019, 04:20 PM IST

मदुरै. मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर को देश में दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ प्रतिष्ठित स्थल (आइकॉनिक प्लेस) घोषित किया गया है। मंदिर इससे पहले वर्ष २०१७ में भी इस सूची में शामिल था लेकिन वर्ष २०१८ में उसे जगह नहीं मिली थी। मीनाक्षी मंदिर सहित देश में १० स्थलों को कुछ साल पहले स्वच्छ भारत मिशन के तहत विकसित करने ेलिए चुना गया था।
मदुरै निगम आयुक्त एस. विशाकन ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से पुरस्कार प्राप्त किया। विशाकन ने कहा कि मंदिर की परिधि की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर संयुक्त प्रयास किए गए थे। निगम ने चिथिरई सड़कों के किनारे हर 50 मीटर की दूरी पर पृथक कचरा संग्रहण अलग डिब्बे रखे थे। इस इलाके में कुल 6 3 कॉम्पेक्टर डिब्बे रखे गए। चार कॉम्पेक्टर ट्रक मंदिर परिसर के चारों ओर से कचरा संग्रहण करते हैं। पर्यटकों के लिए 25 ई-शौचालय और 15 पीने के पानी के प्यूरीफायर भी हैं। पर्यटकों के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित करने के लिए पांच बैटरी चालित वाहन हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास के इलाके को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त किया जा चुका है। विशाकन ने कहा कि स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत मार्च 2020 तक चिथिरई, मासी और अवनी मूल की गलियों एक नया रूप दिया जाएगा।

 मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर को देश में दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ प्रतिष्ठित स्थल (आइकॉनिक प्लेस) घोषित

मदुरै निगम आयुक्त एस. विशाकन ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से पुरस्कार प्राप्त किया। विशाकन ने कहा कि मंदिर की परिधि की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर संयुक्त प्रयास किए गए थे। निगम ने चिथिरई सड़कों के किनारे हर 50 मीटर की दूरी पर पृथक कचरा संग्रहण अलग डिब्बे रखे थे। इस इलाके में कुल 6 3 कॉम्पेक्टर डिब्बे रखे गए। चार कॉम्पेक्टर ट्रक मंदिर परिसर के चारों ओर से कचरा संग्रहण करते हैं। पर्यटकों के लिए 25 ई-शौचालय और 15 पीने के पानी के प्यूरीफायर भी हैं। पर्यटकों के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित करने के लिए पांच बैटरी चालित वाहन हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास के इलाके को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त किया जा चुका है। विशाकन ने कहा कि स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत मार्च 2020 तक चिथिरई, मासी और अवनी मूल की गलियों एक नया रूप दिया जाएगा।

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