बिहार का वो क्रिकेटर जो भारत छोड़ वेस्टइंडीज के लिए बना गया है 20 हजार से ज्यादा इंटरनेशनल रन

जब-जब हम जश्न-ए-आजादी मनाते है, ये सवाल भी मन में उठता है कि गुलामी के इस दौर में हमने क्या कुछ खोया। पढ़े ये स्पेशल स्टोरी...

 

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Published: 16 Aug 2018, 01:28 PM IST

नई दिल्ली। हाल ही में हमने अपना 72वां स्वतंत्रता दिवस मनाया है। करीब 200 से सालों की दासता के बाद 1947 में 15 अगस्त को मिली इस आजादी का जश्न हम प्रत्येक साल तो मनाते ही है, साथ ही इस बात का भी हिसाब करते है कि इस गुलामी के कारण हम कितना पिछड़ गए। हमारी मिट्टी से ताल्लुक रखने वाले कितने महान सपुतों को हमने खो दिया। ये कहानी भी गुलामी के उन्हीं दिनों से जुड़ी है। औपनिवेशिक काल में भारत के हजारों नागरिकों को मजदूर के रूप में अफ्रीकी देशों में ले जाया गया। इन मजदूरों को गिरमिटिया मजदूर कहा जाता है। महात्मा गांधी भी उसी गिरमिटिया करार के तहत दक्षिण अफ्रीका गए थे।

कई अफ्रीकी देशों में भारतीय-
उस दौरान भारत के अलग-अलग प्रांतों से हजारों की संख्या में लोगों को अफ्रीका के अलग-अलग देशों में ले जाया गया। वहां भारतीयों से मजदूरी कराई जाती थी। उसी दौरान बिहार के पुर्णिया जिले से कई लोगों को वेस्ट इंडीज ले जाया गया। पुर्णिया जिला सचिवालय की रिपोर्ट के अनुसार साल 1873 में पवन कुमार चंद्रपॉल का परिवार गुयाना जाकर बस गया।

इसी परिवार से है ये महान क्रिकेटर-
पवन कुमार चंद्रपॉल के परिवार से वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम को वो नायाब सितारा मिला, जिसने सालों तक क्रिकेट जगत में अपने बल्ले की धार बिखेड़ी। खेमराज चंद्रपॉल और उषा चंद्रपॉल के संतान शिवनारायण चंद्रपॉल आज क्रिकेट की दुनिया में किसी पहचान के मोहताज नहीं। शिवनारायण की गिनती वेस्टइंडीज के महान टेस्ट क्रिकेटरों की फेहरिस्त में की जाती है।

20 हजार से ज्यादा रन बनाया चंद्रपॉल ने-
शिवनारायण चंद्रपॉल ने वेस्टइंडीज की ओर से टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों प्रारुपों में 20,000 से ज्यादा रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में चंद्रपॉल की गिनती समकालीन सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में होती है। इंडीज की ओर से 164 टेस्ट मैच खेलते हुए चंद्रपॉल ने कुल 11867 रन बनाए। इस दौरान चंद्रपॉल ने 30 शतक और 66 अर्धशतक लगा। वही 268 वनडे मैचों में चंद्रपॉल के नाम पर 8778 रन है। वनडे में चंद्रपॉल ने 11 शतक और 59 अर्धशतक लगाए। टी-20 क्रिकेट में 22 मैचों में इंडीज का प्रतिनिधित्व करते हुए चंद्रपॉल ने 343 रन बनाए।

 

आज है जन्मदिन-
शिवनारायण चंद्रपॉल का आज अपना 44वां जन्मदिन मना रहे है। आईसीसी ने चंद्रपॉल को जन्मदिन की बधाई देते हुए ट्वीट किया है। बताते चले कि चंद्रपॉल ने अपना आखिरी टेस्ट इंग्लैंड के खिलाफ 2015 में खेला था। उनके नाम कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज है। चंद्रपाल और रामनरेश सरवन की जोड़ी लंबे समय तक इंडीज क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी का रीढ़ रहा है।

बेटा भी क्रिकेटर बनने की राह पर-
शिवनारायण चंद्रपॉल का बेटा तेजनारायण चंद्रपॉल भी वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम में जगह बनाने की ओर अग्रसर है। तेजनारायण इस समय गुयाना के लिए क्रिकेट खेलते है। इस टीम की ओर से एक बार शिवनारायण और तेजनारायण दोनों एक साथ खेल चुके है। जो अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड है।

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