30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

क्रिकेट के इतिहास में गावस्कर के नाम दर्ज है ये शर्मनाक रिकॉर्ड

आज से ठीक 46 साल पहले 7 जून का दिन सुनील गावस्कर के क्रिकेट कॅरियर का सबसे मनहूस दिन रहा था। दर्ज हुआ था शर्मनाक रिकॉर्ड।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Bhup Singh

•

Updated: 7 Jun 2021, 4:16 PM IST

sunil_gavaskar.jpg

नई दिल्ली। भारत में कपिल देव, दिलीप वेंगेसकर और बिशन सिंह बेदी जैसे कई महान क्रिकेटर हुए हैं जिन्होंने भारतीय क्रिकेट के परिदृश्य को बदलकर रख दिया। इन्हीं में से एक हैं सुनील गावस्कर (sunil gavaskar)। अपनी पहली सीरीज में 700 रन बनाने से लेकर टेस्ट में 10 हजार रन बनाने तक गावस्कर ने अपने देश का नाम क्रिकेट की दुनिया में उपर लाने में बड़ी भूमिका निभाई है। लेकिन 7 जून का दिन उनकी जिंदगी का सबसे मनहूस दिन रहा था जब उनके नाम क्रिकेट के इतिहास में एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हुआ था।

यह भी पढ़ें—क्या कोई तोड़ पाएगा कभी सचिन, लारा और कैलिस के ये रिकॉर्ड?

174 गेंद में नाबाद रहते हुए बनाए थे सिर्फ 36 रन
आज से ठीक 46 साल पहले यानी 7 जून को 1975 को वनडे विश्व कप की शुरुआत हुई थी। भारत की टीम ने भी इसमें हिस्सा लिया था। लेकिन पहले ही मैच में गास्वकर के नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। गावस्कर ने इस मैच में 174 गेंदों पर नाबाद रहते हुए सिर्फ 36 रन बनाए थे। दरअसल, इस मैच में मेजबान टीम इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को 334 रनों का लक्ष्य दिया था। जवाब में भारतीय टीम 3 विकेट खोकर निर्धारित 60 ओवर में सिर्फ 132 रन ही बना पाई थी।

यह भी पढ़ें—तलाकशुदा महिलाओं पर आया इन 5 भारतीय क्रिकेटर्स का दिल, रचाई शादी

गुंडप्पा ने खेली थी 37 रनों की सबसे बड़ी पारी
इस मैच में भारत की ओर से गुंडप्पा विश्वनाथ ने 59 गेंदों में 37 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली थी। इस मुकाबले में भारतीय टीम 202 रनों के बड़े अंतर से हारी थी। इस मैच में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सुनील गावस्कर ने 174 गेंद खेलने के बावजूद सिर्फ और सिर्फ 36 रन बनाए और वे पूरी पारी में आउट भी नहीं हुए। इस पारी में उन्होंने सिर्फ एक चौका लगाया। उनका स्ट्राइकरेट 20.69 का रहा। ये आज तक के इतिहास की एकदिवसीय क्रिकेट की उनकी सबसे धीमी पारी रही।