वर्ल्ड कप की तरफ भारतीय टीम ने बढ़ाया एक और कदम, ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से दी मात

वर्ल्ड कप की तरफ भारतीय टीम ने बढ़ाया एक और कदम, ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से दी मात

Mazkoor Alam | Publish: Jun, 10 2019 12:06:58 AM (IST) | Updated: Jun, 10 2019 10:55:43 AM (IST) क्रिकेट

  • शिखर धवन ने लगाया शतक, विराट और रोहित का पचासा
  • भुवनेश्वर और बुमराह को तीन-तीन तो चहल को मिले दो विकेट
  • ऑस्ट्रेलिया के तीन बल्लेबाजों ने लगाया अर्धशतक

लंदन : भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को लंदन के केनिंगटन ओवल मैदान पर आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 के ग्रुप चरण के अपने दूसरे मैच में आस्ट्रेलिया को 36 रनों से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। भारत की ओर से मिले 353 रनों के लक्ष्य के सामने पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम निर्धारित 50 ओवरों में 316 रनों पर ऑलआउट हो गई।
इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए शिखर धवन के शतक की मदद से पांच विकेट के नुकसान पर 352 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 353 रनों का लक्ष्य दिया था। शिखर धवन को मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला।

तीन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने लगाए अर्धशतक

ऑस्ट्रेलिया को शुरुआत अच्छी मिली। उसके ओपनर एरॉन फिंच (36) और डेविड वार्नर (56) ने पहले विकेट के लिए 61 रन जोड़ दिए। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए स्टीवन स्मिथ (69), उस्मान ख्वाजा (42) और मैक्सवेल (28) ने भी अपनी टीम को जीत की तरफ ले जाने का पूरा प्रयास किया। लेकिन इन तीनों के आउट होने के बाद सिर्फ एलेक्स कैरी (55 नाबाद) ही दम दिखा सके। लेकिन उन्हें बाद के अन्य बल्लेबाजों सहयोग नहीं मिला और ऑस्ट्रेलिया को हार का सामना करना पड़ा।

ऑस्ट्रेलिया की हार की वजह बनी बड़ी साझेदारी का न होना

ऑस्ट्रेलिया की हार का बड़ा कारण यह रहा कि उनकी तरफ से तीन-तीन अर्धशतक जरूर लगे, लेकिन उनके बल्लेबाजों के बीच कोई बड़ी साझेदारी नहीं बन पाई, जबकि साढ़े तीन सौ से ऊपर के लक्ष्य का पीछा करते हुए यह जरूरी था कि कम से कम एक शतकीय साझेदारी जरूर हो। लेकिन इन बल्लेबाजों के बीच एक बड़ी साझेदारी नहीं पनप सकी।

भुवनेश्वर, चहल और बुमराह ने की अच्छी गेंदबाजी

भारतीय गेंदबाजों ने इस मैच में अच्छी गेंदबाजी करते हुए शुरू से ऑस्ट्रेलिया को तेजी से रन नहीं बनाने दिया, खासकर भारतीय पेस आक्रमण की धुरी जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार ने। हालांकि बाद में मैक्सवेल और एलेक्स कैरी ने तेजी से रन बनाकर भारत को थोड़ी देर के लिए परेशानी में डाला जरूर, लेकिन मैक्सवेल ज्यादा देर तक रुके नहीं तो कैरी को पुछल्ले बल्लेबाजों से ज्यादा सहयोग नहीं मिल पाया। बुमराह और भुवनेश्वर ने 10-10 ओवर के अपने कोटे में क्रमश: 61 और 50 रन देकर तीन-तीन विकेट लिए। इन दोनों के अलावा युजवेंद्र चहल ने एक बार फिर अच्छी गेंदबाजी करते हुए 10 ओवरों में 62 रन देकर दो विकेट चटकाए। बाकी के गेंदबाजों को कोई विकेट नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया के दो बल्लेबाज रन आउट हुए।

सब्सटीट्यूट खिलाड़ियों ने भारत की जीत में निभाया अहम योगदान

इस मैच की मजेदार बात यह है कि भारत की अंतिम एकादश में शामिल नहीं दो खिलाड़ियों ने भी भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। जहां सब्सटीट्यूट रविंद्र जडेजा ने दो शानदार कैच लपके। इसमें एक कैच तो खतरनाक बन रहे ग्लेन मैक्सवेल का भी था तो वहीं विजय शंकर ने एक खिलाड़ी को रन आउट करने में अहम भूमिका निभाई।

विश्व कप में भारत की ऑस्ट्रेलिया पर चौथी जीत

इस जीत के साथ बेहतर रन रेट के कारण भारत ऑस्ट्रेलिया को पछाड़कर अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। बता दें कि विश्व कप इतिहास में ऑस्ट्रेलिया पर भारत की यह चौथी जीत है। यह उन दोनों के बीच विश्व कप में 12वां मुकाबला था। इसमें ऑस्ट्रेलिया के हाथ चार बार जीत लगी है।

शिखर धवन ने लगाया शतक

भारतीय पारी में सारे बल्लेबाजों ने शानदार बल्लेबाजी की। शिखर धवन ने 109 गेंदों पर शानदार 117 रनों की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 16 चौके लगाए। रोहित शर्मा (57) और विराट कोहली (82) ने भी अर्धशतकीय पारी खेली। इनके अलावा हार्दिक पांड्या और महेंद्र सिंह धोनी ने धुआंधार पारी खेलकर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। इन दोनों ने क्रमश: 48 और 27 रन बनाए।

प्रभाव नहीं छोड़ सके ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज

भारतीय गेंदबाजों पर कोई भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज प्रभाव नहीं छोड़ पाया। उनकी ओर से स्टोइनिस ने 7 ओवर में 62 रन देकर दो विकेट लिए तो वहीं कमिंस, स्टार्क और नाइल को एक-एक विकेट मिला।

रोहित-शिखर ने विश्व कप में सर्वाधिक शतकीय साझेदारी के रिकॉर्ड की बराबरी की

इस पारी के दौरान रोहित शर्मा और शिखर धवन ने 127 रनों की शतकीय साझेदारी की। इस साझेदारी की बदौलत उन्होंने विश्व कप में सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारी के कीर्तिमान की बराबरी की। विश्व कप में यह इन दोनों का छठी शतकीय साझेदारी है। विश्व कप में इतनी ही शतकीय साझेदारी गिलक्रिस्ट और मैथ्यू हेडन के नाम भी है।

दूसरी सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी बने शिखर-रोहित

शिखर धवन और रोहित शर्मा की जोड़ी पहले विकेट के लिए सर्वाधिक पार्टनरशिप करने वाली दूसरी जोड़ी बन गई। उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट और मैथ्यू हेडन के 16 शतकीय साझेदारी के रिकॉर्ड की की बराबरी। सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारी का रिकॉर्ड सौरभ गांगुली और सचिन तेंदुलकर के नाम है।
इसके अलावा इन दोनों भारत की तरफ से भी दूसरी सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारी करने के रिकॉर्ड की भी बराबरी की। इसमें 21 शतकीय साझेदारी के साथ पहले नंबर पर सचिन तेंदुलकर और सौरभ गांगुली हैं तो रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच भी 16 शतकीय साझेदारी हुई है।

भारत बनी विश्व कप में सर्वाधिक शतक लगाने वाली टीम

शिखर धवन के शतक के साथ ही विश्व कप में सर्वाधिक शतक बनाने के मामले में भारत 27 शतक लगाकर पहले नंबर पर पहुंची। इससे पहले भारत और ऑस्ट्रेलिया 26-26 शतक लगाकर बराबरी पर थे। तीसरे नंबर पर 23 शतक लगाकर श्रीलंका की टीम है। चौथे और पांचवें पर क्रमश: 17 और 15 शतक लगाकर विंडीज और श्रीलंका की टीम है।

विश्व कप में भारत का यह चौथा सर्वाधिक स्कोर

विश्व कप में भारत का यह चौथा सर्वाधिक स्कोर है। भारत ने विश्व कप में 2007 में विंडीज के पोर्ट ऑफ स्पेन में बरमूडा के खिलाफ पांच विकेट के नुकसान पर 413 रन बनाए थे। इसके अलावा उसने 1999 में श्रीलंका के खिलाफ टांटन में छह विकेट के नुकसान पर 373 रन बनाए थे। तीसरा सर्वाधिक स्कोर 2011 में बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर में चार विकेट के नुकसान पर 352 रन बनाए थे। पांचवां सर्वाधिक स्कोर 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ बेंगलूरु में 338 रन था।
इसके अलावा विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत का यह सर्वाधिक स्कोर भी है। इससे पहले भारत ने 1987 विश्व कप में नई दिल्ली में छह विकेट पर 289 रन बनाए थे।

ये भी रिकॉर्ड बने

- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोहित शर्मा ने सबसे कम पारी में 2000 रन पूरे किए। उन्होंने 37 पारी में बनाए ये रन। तेंदुलकर ने 40, रिचर्डस और कोहली ने 44 और धोनी ने 45 पारियों में पूरे किए हैं दो हजार रन।

- शिखर धवन को लंदन ओवल का यह पिच काफी रास आता है। यहां पर उन्होंने पांच एकदिवसीय मैच खेले हैं। इसमें उन्होंने तीन शतक और एक अर्धशतक जड़ा है। ओवल में यह उनका लगातार दूसरा अर्धशतक है।

- इंग्लैंड में शिखर धवन ने 62.69 के औसत से अपने 1000 वनडे रन पूरे किए। इस दरमियान उन्होंने तीन शतक और चार अर्धशतक लगाए हैं। इसके अलावा वह पहले ऐसे भारतीय बने, जिसने इंग्लैंड में चार ओडीआई शतक लगाए हैं।

- भारत के खिलाफ विश्व कप में सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 350 से अधिक रन बनाए थे। उन्होंने यह कारनामा 2003 विश्व कप के फाइनल में किया था और आज भारत पहली ऐसी टीम बनी, जिसने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 350 से अधिक का स्कोर किया।

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