राहुल और विजय की आलोचनाओं के बीच पतली गली से बचकर निकल जा रहा है ये भारतीय क्रिकेटर

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया चौथे टेस्ट में लोकेश राहुल ने एक बार फिर मिले मौके को गंवा दिया। इस कारण उनके चयन को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर माहौल गरमाया हुआ है।

By: Akashdeep Singh

Updated: 03 Jan 2019, 07:17 PM IST

नई दिल्ली। पहले इंग्लैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया में भारतीय सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल और मुरली विजय निरंतरता से रन बनाने में नाकाम रहे। इस कारण से दोनों को प्रशंसकों की आलोचनाओं को सहना पड़ा और टीम से बाहर का रास्ता भी देखना पड़ा। राहुल को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टेस्ट में एक बार फिर मौका मिला जहां वह पहली पारी में मात्र 9 रन ही बना सके। इसके बाद से राहुल एक बार फिर सोशल मीडिया पर आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। इन दो खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन के बीच एक भारतीय खिलाड़ी ऐसा भी है जो लगातार फ्लॉप होने के बावजूद भी आलोचकों के रडार से दूर रह रहा है और भारतीय चयनकर्ताओं की कैची से भी वह बच जा रहा है। आइए डालते हैं इन तीनों ही खिलाड़ियों के 2018 में खेले गए टेस्ट मैचों के प्रदर्शन पर एक नजर (इन आकड़ों में भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया चौथे टेस्ट के रन नहीं जोड़े जा रहे हैं)।


केएल राहुल का 2018 में प्रदर्शन-
राहुल ने 2018 में 12 मैच खेले जिसमे उन्होंने 22.28 की औसत से 468 रन बनाए। इस समय में उन्होंने मात्र 1 टेस्ट शतक जड़ा। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट में 149 रनों की पारी खेली थी। 2018 में राहुल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। इसी वजह से उनके करियर की रफ़्तार भी धीमी पड़ गई है। उन्होंने पूरे टेस्ट करियर में कुल 34 मुकाबले खेले हैं जिसमे 35.27 की औसत से उन्होंने 1905 रन बनाए हैं। इसमें उनके 5 शतक भी शामिल हैं।


मुरली विजय का 2018 में प्रदर्शन-
विजय ने राहुल के मुकाबले 2018 में कम टेस्ट मुकाबले खेले हैं। उन्होंने पिछले साल 8 मुकाबले खेले जिसमे उन्होंने 18.80 की औसत से मात्र 282 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक शतकीय(105) पारी खेली है। 61 मैचों में उनका करियर औसत 38.28 का रहा है जोकि उनके पिछले साल के प्रदर्शन से बहुत ही अच्छा है। उन्होंने अपने करियर में 12 शतकीय पारियां भी खेली हैं और 3982 रन बनाए हैं।


रडार से दूर रह रहा है यह क्रिकेटर-
हम बात कर रहे हैं टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे की। जिनका प्रदर्शन और औसत दिन प्रतिदिन गिरता ही जा रहा है। पिछले साल उनका 12 मैचों में औसत 30.66 का रहा है और उन्होंने इस समय में एक भी शतकीय पारी न खेलते हुए 644 रन बनाए हैं। इस समय में उनका सर्वाधिक स्कोर 81 का रहा है। 56 मैचों में उनका करियर औसत 40.55 का रहा है जोकि टीम के उपकप्तान और प्रमुख बल्लेबाज के लिहाज से कम है। जिस स्थान पर रहाणे बल्लेबाजी करने उतरते हैं वहां सलामी बल्लेबाजों के मुकाबले बल्लेबाजी परिस्थितियां भी आसान रहती हैं। वह टीम के अन्य दो प्रमुख बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा और कप्तान विराट कोहली से काफी पीछे छूटते नजर आ रहे हैं। अधिक चिंता की बात यह है कि उन्होंने पिछले दो सालों में 23 मैच खेलकर मात्र 1 शतक जड़ा है। रहाणे को जल्द फॉर्म पानी होगी नहीं तो उनपर भी सवाल खड़े होने लग जाएंगे और टीम को नया उपकप्तान ढूंढना पड़ेगा।

Show More
Akashdeep Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned