
श्रीलंका क्रिकेट अपने प्रदर्शन के कारण सवालों के घेरे में हैं। इसके अलावा श्रीलंका क्रिकेट द्वारा खिलाड़ियों के साथ किए गए वार्षिक अनुबंध का विवाद भी सुर्खियों में रहा। खिलाड़ियों का कहना था कि वार्षिक अनुबंध में खिलाड़ियों को कम पैसे दिए जा रहे हैं। इस वजह से खिलाड़ियों ने अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया था। इसी वजह से अब खिलाड़ियों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अनुबंध नहीं होने से खिलाड़ियों को EMI भरने में भी मुश्किल हो रही है।
श्रीलंका क्रिकेट को पुराने बकाया भुगतान के कहा
एक रिपोर्ट के अनुसार, खिलाड़ियों ने श्रीलंका क्रिकेट को उनका पुराना बकाया भुगतान करने और अनुबंध का सम्मान करने के लिए लिखा है। खिलाड़ियों की तरफ से कहा गया है कि नए अनुबंध के कारण उन्हें जनवरी 2021 से किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया है। वहीं उनका यह भी कहना है कि खिलाड़ी नए अनुबंध के बारे में स्पष्ट नहीं हैं। ऐसे में लिखित में इसकी सूचना दी जानी चाहिए। नए अनुबंध के तहत खिलाड़ियों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती हो रही है।
घर की किश्त भरना भी हुआ मुश्किल
रिपोर्ट के अनुसार वार्षिक अनुबंध में कमी की वजह से श्रीलंका के खिलाड़ियों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक की उनकी किश्त औरा बीमा तक का भुगतान करना भी मुश्किल हो रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ जूनियर खिलाड़ियों ने तो अपनी शादियां भी रोक दी हैं। वहीं श्रीलंका के पूर्व सीनियर खिलाड़ी मुथैया मुरलीधरन ने भी इस मामले में बयान दिया था।
पैसे पर ही नहीं अटकना चाहिए: मुरलीधरन
मुरलीधरन ने अनुबंध विवाद को लेकर दिए एक बयान में सीनियरों से कहा था कि अनुबंध विवाद में पैसे पर ही नहीं अटकना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अनुबंध लेने से मना करने के बाद खिलाड़ियों के लिए सीरीज के आधार पर अनुबंध सामने आया है। मुरलीधरन के इस बयान पर प्रतिक्रिया देे हुए दिमुथ करुणारत्ने और एन्जेलों मैथ्यूज ने एक पत्र में कहा कि हमारे लिए नफरत दिखाई दे रही है लेकिन यह मामला पैसे का नहीं था। उन्हें (मुरलीधरन) को असली बात किसी ने बताई नहीं होगी।
Updated on:
21 Jul 2021, 12:43 PM IST
Published on:
21 Jul 2021, 12:42 PM IST
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