कांग्रेस से इस बार स्थानीय को टिकट देने पर जोर

कांग्रेस से इस बार स्थानीय को टिकट देने पर जोर

Rajesh Kumar Pandey | Publish: Sep, 06 2018 11:47:43 AM (IST) Damoh, Madhya Pradesh, India

हटा विधानसभा में उमादेवी की कट सकती है टिकट

दमोह. अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हटा विधानसभा सुरक्षित सीट से विधायक उमादेवी खटीक अपना दूसरा कार्यकाल पूर्ण कर रही हैं। शिक्षक पद छोड़कर सीधे चुनाव लड़कर दो बार से विधायक उमादेवी की डंवाडोल स्थिति होने से उनकी टिकट कटना तय मानी जा रही है।
वर्तमान विधायक उमादेवी खटीक अपने पिछले दो कार्यकालों में विवादों में घिरी रही हैं। इनके पति लालचंद खटीक पर छोटे से छोटे काम में रुपए के लेनदेन किए जाने से लेकर सत्ता से लेकर संगठन तक विधायक के परिजनों के रवैए से नाराज है। हाल ही में पुत्र द्वारा सांसद ज्योतिरादित्य को गोली मारने की धमकी देने से भी उमादेवी को टिकट मिलने में संशय की स्थिति बनने लगी है। इस बार भाजपा से रामकली तंतुवाय जो 2013 का चुनाव में सपा की टिकट पर लड़ चुकी हैं, उन्हें 1566 मत मिले थे। आलोक अहिरवार दमोह जनपद अध्यक्ष हैं, इनके पिता का हटा क्षेत्र में प्रभाव है। साथ आधा दर्जन से अधिक भाजपा नेता हटा विधानसभा से टिकट की चाह रख रहे हैं।
कांग्रेस से इस बार स्थानीय प्रदीप खटीक प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, वर्तमान में इनकी मां हटा कृषि उपज मंडी अध्यक्ष हैं। प्रदीप खटीक के साथ युवा टीम व कमलनाथ की सभा में इनके द्वारा की गई व्यवस्थाओं से इनकी प्रबल दावेदारी हो गई है। इनके अलावा अरुणा तंतुवाय वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष, हरिशंकर चौधरी पूर्व जिला अध्यक्ष व 2013 में निकटतम प्रत्याशी रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भगवानदास चौधरी व केके वर्मा भी टिकट की दौड़ में शामिल है। हटा विधानसभा से बसपा से टिकट लेने के लिए चार दावेदार मशक्कत कर रहे हैं, जिनमें गजेंद्र, रोशनी बौद्ध, हर प्रसाद व गंगाराम प्रयासरत हैं। यहां से भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ओमवती अठ्या चुनाव प्रचार में जुट गई हैं।
सुरक्षित सीट पर जातिय गणित
हटा विधानसभा सीट भले ही सुरक्षित सीट हो, लेकिन यहां भी जातिय समीकरण चुनावी फिजा बदलते आए हैं, परिसीमन के बाद सामान्य से सुरक्षित हुई हटा विधानसभा का पहला चुनाव 2008 में खटीक समाज की उमादेवी ने जीता था, क्योंकि कांग्रेस ने कोरी समाज के खूबचंद तंतुवाय को मैदान में उतारा था, जिससे कांग्रेस को पराजय मिली थी। 2013 में भाजपा ने फिर खटीक समाज की उमादेवी पर भरोसा किया और कांग्रेस ने अहिरवाल समाज के बाहरी प्रत्याशी हरिशंकर चौधरी को मैदान में उतारा जिससे भी पराजय हाथ में लगी। खटीक समाज की महत्ता को ध्यान में रखते हुए और उमादेवी की माइनस मार्किंग को देखते हुए कांग्रेस खटीक समाज के प्रदीप खटीक को मैदान में उतारने की पूरी तैयारी कर रही है।
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चुनौती/ मुद्दा
- दो बार से भाजपा की विधायक उमादेवी खटीक के पति लालचंद खटीक व परिजनों पर छोटे से छोटे मामले में कमीशनबाजी के आरोप।
- धनाड्यों को विधायक निधि दिया जाना।
- सिविल अस्पताल का दर्जा प्राप्त, महिला डॉक्टर सहित अन्य सुविधाएं नदारद।
- पूरे क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ अवैध रेत उत्खनन व वन कटाई वन सकता है मुद्दा।

वर्ष 2013
1. उमादेवी खटीक भाजपा 59231
2. हरिशंकर चौधरी कांग्रेस 56379
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जीते: 2852
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