मुझे बचा लो...इस तालाब के पास जाओगे तो कान में गूंजने लगेगी यह आवाज, यहां का मामला

Rajesh Kumar Pandey

Publish: Mar, 14 2018 12:20:17 PM (IST)

Damoh, Madhya Pradesh, India
मुझे बचा लो...इस तालाब के पास जाओगे तो कान में गूंजने लगेगी यह आवाज, यहां का मामला

दुर्दशा का शिकार हो रहा है फुटेरा तालाब

दमोह. फुटेराकलां गांव के मुंशी द्वारा महज 100 रुपए की लागत से बनवाया गया यह तालाब आज भी दुर्दशा का शिकार होकर रहा सहा पानी अपने में समेटे हैं। राजस्व रिकार्ड में इसका रकबा 90एकड़ से अधिक है, लेकिन अतिक्रमण की चपेट में आकर इसका रकबा महज 20 एकड़ से भी कम में सिमटकर रह गया है।


फुटेरा तालाब अपनी कई स्मृतियां समेटे हुए हैं, इस तालाब के किनारे जहां पूरे शहर की इष्ट देवी बड़ी देवी मां विराजमान हैं। वहीं ऐतिहासिक पाषाण कला का जीवंत नमूना नंदी व शंकरजी का प्राचीन मंदिर है। इसी तालाब पर ईदगाह है जहां संपूर्ण मुस्लिम समाज अपनी ईद की खुशियां सांझा करता है।


चारों ओर फैली गंदगी से दूषित
फुटेरा तालाब के चारों ओर फैली इसे दूषित कर रही है। इसके अलावा इसमें सिंघाड़ा की फसल के बाद छोड़ी गई जलकुंभी भी तालाब को दूषित कर रही है। चारों तरफ से गंदगी इस तालाब में मिलने से इसका पानी प्रदूषित हो गया है।
निस्तार के लिए होता है उपयोग
फुटेरा वार्ड सहित पुराने वार्डों से घिरे हुए इस तालाब का उपयोग अब भी निस्तार के लिया किया जाता है। यहां महिलाएं कपड़े धोने जाती हैं। बच्चे दिन भर तालाब में अठखेलियां करते रहते हैं। पानी प्रदूषित होने के कारण इसका उपयोग करने वाले बच्चों व महिलाओं को चर्म रोग से जूझना पड़ रहा है, लेकिन पानी की कमी के कारण मजबूरी में इसका उपयोग करना पड़ रहा है।


प्रतिमाओं का होता है विसर्जन
फुटेरा तालाब में गणेश प्रतिमाओं के साथ देवी प्रतिमाओं का विसर्जन होता है। विसर्जन के बाद तालाब से अन्य सामग्री तो हटा ली जाती है, लेकिन मिट्टी तालाब में ही रह जाती है। जबकि बड़े पैमाने पर विसर्जन होने से इस तालाब की हर साल वृहद स्तर पर सफाई जरूरी है।


अतिक्रमण से सिमटा तालाब
फुटेरा तालाब शहर का इकलौता तालाब है जिसका दायरा काफी बड़ा है। इस तालाब के तीन ओर से अतिक्रमण होने व तालाब सूखने के कारण कब्जे हो गए। इन कब्जों को हटवाने के लिए कई कार्य योजनाएं बनीं। ग्रीन मिशन के तहत हरियाली लाने के प्रयास हुए लेकिन सभी निरर्थक साबित हुए। जिससे तालाब लोगों के उपयोगी साबित नहीं हो रहा है।


गर्मी में होते हैं भागीरथी प्रयास
गर्मी आते ही इस तालाब के किनारे व आसपास का कचरा हटाने के लिए समाजसेवी संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता आगे आते हैं, लेकिन इस तालाब को पूरा साफ करने का प्रस्ताव नगर पालिका परिषद द्वारा नहीं बनाया गया है, जिससे लोगों को इस तालाब के प्रदूषित जल का उपयोग करने विवश होना पड़ रहा है।


तालाब के जीर्णोद्धार विकास की कार्ययोजना तैयार हो गई है। शीघ्र ही टेंडर होने वाले हैं। फुटेरा तालाब का काया कल्प कराया जाएगा।
मालती असाटी, नपा अध्यक्ष दमोह

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