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हवाला का नया तरीका, स्टूडेंट्स के खाते खोलकर करोड़ों का ट्रांजेक्शन

locationदतियाPublished: Feb 03, 2024 08:54:15 am

Submitted by:

Sanjana Kumar

बैंक में विद्यार्थियों और बेरोजगारों के खाते खोलकर करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन करने के मामले में पुलिस ने शिकायत के नौ दिन बाद केस दर्ज किया। 17 खातों से 10 करोड़ रुपए से अधिक के ट्रांजेक्शन किए गए...

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सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में विद्यार्थियों और बेरोजगारों के खाते खोलकर करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन करने के मामले में पुलिस ने शिकायत के नौ दिन बाद केस दर्ज किया। 17 खातों से 10 करोड़ रुपए से अधिक के ट्रांजेक्शन किए गए। ये रुपए ऑनलाइन सट्टा कारोबार, हवाला से जुड़े हैं। माधवनगर पुलिस ने गैंतरा गांव के विवेक पटेल को हिरासत में लिया है। बैंक प्रबंधक और कर्मियों से भी पूछताछ की। काले धन के कारोबार का मास्टरमाइंड दुर्गेश यादव फरार है।

ब्रांच मैनेजर अंकिता गुप्ता की शिकायत पर विवेक पटेल और शाहनगर के दुर्गेश यादव समेत अन्य पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया। विवेक ने हर खाते पर 700 रुपए कमीशन देकर बेरोगजारों के खाते खुलवाए। उन्हें 25 हजार प्रतिमाह वेतन देने का लालच दिया। 25 हजार रुपए वेतन देने का था दावा पूछताछ में विवेक पटेल ने पुलिस को बताया कि मास्टर माइंड दुर्गेश यादव है। उसने हर माह 25 हजार रुपए वेतन और १००० रुपए अलग से कमीशन देने की बात कही थी। खाता खुलवाने के दौरान दुर्गेश ही अपनी सिम देता था। बाद में इसी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर वह खातों से ट्रांजेक्शन भी करता था।

खाता किसी का, ट्रांजेक्शन कोई और कर रहा था

पुलिस को बैंक मैनेजर अंकिता गुप्ता ने बताया कि 12 दिसंबर को विवेक पटेल ने खाता खुलवाया था। इसके बाद कई युवकों के खाते खुलवाए गए। इन खातों से जमा और निकासी की राशि अचानक बढऩे लगी। ऐसे में खातों की निगरानी की गई। मामला संदिग्ध लगा तो खाते फ्रीज कर दिए। इसके बाद बैंकर जांच करने खाताधारकों तक पहुंचे। खाताधारकों ने पूछताछ में बताया कि विवेक पटेल के कहने पर खाते खुलवाए। इसके एवज में विवेक ने ७००-७०० रुपए कमीशन दिए थे। उनके खाते विवेक ही ऑपरेट करता था।

फर्जी ट्रेडिंग कंपनियां बना काले धन को सफेद किया

टीआई मनोज गुप्ता ने बताया, फर्जी ट्रेडिंग कंपनियां बनाकर काले कारोबार को अंजाम दिया गया। ऑनलाइन सट्टे से जुड़े कारोबारियों ने 17 खातों में 10 करोड़ रुपए से भी अधिक के ट्रांजेक्शन किए। लेन-देन में उन्होंने यूपीआई का इस्तेमाल किया। बताया जा रहा है, काला धन सफेद करने के साथ हवाला और ऑनलाइन सट्टा से यह मामला जुड़ा है। इसमें कई नामचीन लोगों के भी शामिल होने की आशंका है।

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