किसानों से ले लिया गन्ना, भुगतान के लिए लटकाया

किसानों से ले लिया गन्ना, भुगतान के लिए लटकाया
किसानों से ले लिया गन्ना, भुगतान के लिए लटकाया

Sanjay Singh Tomar | Updated: 12 Oct 2019, 10:30:00 AM (IST) Datia, Madhya Pradesh, India

शुगर मिल एरई के प्रबंधकों के खिलाफ पनप रहा आक्रोश

 

दतिया, गुना के शुगर मिल प्रबंधन ने एरई के डोलेक्स कंपनी के माध्यम से किसानों का गन्ना तो खरीदा पर गन्ने का भुगतान नहीं किया। तीन साल से किसान भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे हैं। दतिया, शिवपुरी समेत ग्वालियर जिले के करीब पांच सौ किसानों का पौने तीन करोड़ रुपए अटका है। जबकि उन्हें हर बार आश्वासन मिलता है राशि नहीं । किसानों ने प्रबंधन से लेकर कलेक्टर तक को शिकायत की पर उन्हें राहत नहीं मिल सकी।

तीन सौ किसानों ने बेचा था गन्ना
करीब तीन साल पहले एरई में डोलेक्स कंपनी ने शुगर मिल की शुरूआत की थी। किसानों का आरोप है कि इसी दौरान मिल संचालक महमूद खान ने गुना जिले की नायारण पुर स्थित शुगर मिल के लिए दतिया समेत शिवपुरी, व ग्वालियर के किसानों से गन्ने की खरीद कराई थी। तीन सौ 50 किसानों से मिल प्रबंधन ने गुना के मिल के लिए हजारों क्ंिवटल गन्ना खरीदा था। आश्वासन दिया था कि भुगतान जल्द से जल्द कर दिया जाएगा पर इतना वक्त गुजर जाने के बाद भी किसानों को यह राशि नहीं मिल सकी । इसके लिए मिल प्रबंधन से लेकर कलेक्टर तक को शिकायत की पर पौने तीन करोड़ अभी भी नहीं मिल सके।कई किसानों को राशि के चेक दिए पर वे बाउंस हो गए।

कलेक्टर व पुलिस को भी की थी शिकायत
पिछले तीन सालों में एरई मिल के संचालक के माध्यम से किसानों का गन्ना खरीदा गया। अन्नदाता केवल इतना जातने हैं कि उन्होंने यह सौदा महमूद खान के माध्यम से किया है ।वे गुना के किसी व्यक्ति को नहीं जानते थे। लंबे समय तक भुगतान न होने की दशा में हाल ही में कलेक्टर व बडोनी थाना प्रभारी को शिकायती आवेदन दिया है कि गन्ना खरीद के बिचौलिए महमूूद खान ने ही उन्हें इस मामले में उलझाया है। किसानों ने पुलिस से उसके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।

सत्यता का पता लगाएंगे: कलेक्टर
कलेक्टर बीएस जामोद ने बताया कि किसानों की शिकायत आई थी कि उन्हें गन्ने का भुगतान नहीं मिला पर एरई के डोलेक्स कंपनी के संचालक का कहना है कि गन्ना उसने नहीं लिया । दोनों का पक्ष सुनकर उनकी सत्यता का पता किया जा रहा है।

इनका है कहना
तीन साल पहले मेरे चाचा धर्मेन्द्र रावत ने एक हजार क्ंिवटल गन्ना बेचा था।मिल प्रबंधन को दो लाख रुपए भुगतान क रना था पांच चेक तो दिए पर वे बाउंस हो गए।
नरेन्द्र रावत, सरपंच ,सतारी

मैंने दो साल पहले छह सौ क्विंटल गन्ना बेचा था। इसके एवज में एक लाख 13 हजार रुपए का भुगतान होना था पर अब तक नहीं हुआ।
रामहेत ,पाली -पमारी

मैंने पांच सौ क्ंिवटल गन्ना बेचा था। इसके एवज में 1.5 लाख रुपए मिलने थे पर अब तक भुगतान नहीं हो सका।
गजेन्द्र सिंह , किसान, गोंघारी

दिलाएंगे भुगतान
मैं प्रयास कर रहा हूं कि किसानों को गन्ने का भुगतान जल्द से जल्द मिल सके । उम्मीद है कि जल्द ही उनका हक मिल जाएगा।
महमूद खान, संचालक, डोलेक्स कंपनी, एरई

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