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बंद कमरे में वार्ता, नहीं माने किरोड़ी

रातभर धरनास्थल पर डटे रहे, दूसरे दिन भी धरना जारी, प्रशासन से वार्ता के बाद लिखित में कमेटी गठन का आदेश देने की मांग पर अड़े

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दौसा

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Mahesh Jain

Jan 23, 2021

बंद कमरे में वार्ता, नहीं माने किरोड़ी

बंद कमरे में वार्ता, नहीं माने किरोड़ी

दौसा. जिला कलक्ट्रेट के बाहर विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीना का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार दोपहर प्रशासन के बुलावे पर डॉ. किरोड़ी ने कलक्ट्रेट में जाकर जिला कलक्टर पीयुष समारिया सहित अन्य अधिकारियों से बंद कमरे में वार्ता की, लेकिन धरनास्थल पर आकर धरना जारी रखने का ऐलान कर दिया। किरोड़ी ने कहा कि प्रशासन ने राज्य स्तरीय अधिकारियों की कमेटी से वार्ता कराने की बात कहते हुए धरना खत्म करने का आग्रह किया, लेकिन किसानों व सरपंचों का कहना है कि लिखित में कमेटी गठन व वार्ता का आदेश मिलने के बाद ही आंदोलन खत्म किया जाए। सोमवार को जयपुर में प्रस्तावित वार्ता के बाद ही अग्रिम निर्णय किया जाएगा।


गौरतलब है कि ग्राम पंचायतों के पीडी खाते खोलने के आदेश निरस्त करने, दस एचपी के बिजली कनेक्शन पर प्रतिमाह मिलने वाली 833 रुपए की छूट बरकरार रखने, फ्यूल चार्ज के नाम पर वसूली बंद करने, ट्रांसपोर्टेशन के 1500 रुपए देना चालू करना, रंजिशवश वीसीआर भरने की कार्रवाई बंद करने, डीपी आवंटन में गड़बड़ी रोकने, एसआई सीमा शर्मा की मौत के मामले की जांच एसआईटी से कराने व दौसा के तत्कालीन एसपी मनीष अग्रवाल को गिरफ्तार करने आदि मांगों को लेकर किरोड़ी धरने पर बैठे हैं। शनिवार को दौसा, करौली, सवाईमाधोपुर आदि जिलों के कई सरपंच भी धरने में शामिल हुए तथा पीडी खाते खोलने का विरोध दर्ज कराया। इस दौरान धुंधीराम मीना, गब्बू जोशी, रितेश पारीक, रामसिंह कसाना, हरिमोहन, केदारप्रसाद मीना सहित कई जने मौजूद रहे।

पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का मुद्दा उठाया
डॉ. किरोड़ीलाल ने एक बार फिर पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के मुद्दे को उठाकर दौसा सहित आसपास के जिले के वंचित क्षेत्र व बांधों को जोडऩे, राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के लिए राज्य सरकार से निर्धारित प्रपत्र में सूचना भिजवाने की मांग भी की। किरोड़ी ने बताया कि वे लगातार राज्यसभा व केन्द्र सरकार का ध्यान ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने की तरफ आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ढिलाई से बात आगे नहीं बढ़ पा रही। इस परियोजना से दौसा, सवाईमाधोपुर, अलवर, करौली आदि जिलों के कई क्षेत्र वंचित रह गए हैं। ऐसे में चाहे प्रोजेक्ट की लागत बढ़ जाए, लेकिन क्षेत्र पूरा कवर होना चाहिए। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित मंत्रियों को पत्र भी भेजा गया है।

प्रशासन करता रहा प्रयास
जिला प्रशासन के नुमाइंदों ने दो-तीन बार धरनास्थल पर आकर धरना खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। जिला कलक्टर कक्ष में वार्ता के बाद एकबारगी लगा कि शायद बात बन जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। एडीएम व एएसपी सहित अन्य अधिकारियों ने आकर दुबारा बात की, लेकिन किरोड़ी ने धरना जारी रखने की बात कह दी। वहीं अवकाश के बावजूद कानून व्यवस्था से जुड़े अधिकारी धरने के चलते मौके पर ही मौजूद रहे। वहीं खुफिया एजेंसियां डॉ. किरोड़ी के अगले रूख की टोल लेती रही। पुलिस अधिकारी व जवान कलक्ट्रेट के बाहर तैनात रहे।

सर्दी के बीच फुटपाथ पर ही सोए सांसद
जिला कलक्ट्रेट के सामने फुटपाथ पर ही भीषण सर्दी व शीतलहर के बीच राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी रात को सोए तथा सुबह उठकर भ्रमण किया। इसके बाद दिनभर फुटपाथ पर ही बैठकर जनसमस्याएं सुनी। जिलेभर से लोग अपनी व्यथा सुनाने पहुंचते रहे। समर्थकों ने एक बोर्ड पर पेंट करवाकर धरनास्थल नाम भी अंकित कर दिया तथा स्टेज बनाकर शामियाना व होर्डिंग आदि भी लगवा दिए। किरोड़ी की सक्रियता से राजनीतिक चर्चाओं का दौर भी चलता रहा। वहीं पीएमओ डॉ. दीपक शर्मा के नेतृत्व में चिकित्सकों के दल ने आकर डॉ. किरोड़ी की स्वास्थ्य जांच भी की।