लॉकडाउन में भी जारी लापरवाही, चार दुकानें सील

कोराना महामारी संक्रमण: पुलिस प्रशासन ने दिखाई सख्ती

By: Rajendra Jain

Published: 12 May 2021, 02:32 PM IST

लालसोट (दौसा). प्रदेश भर में लोग की जान ले रहे कोरोना संक्रमण की चेन को तोडऩे के लिए लागू किए गए सख्त लॉकडाउन के दौरान भी लोगों की लापरवाही का क्रम लगातार बना हुआ है।
प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की बार-बार समझाइश के बाद भी लोग जन अनुशासन पखवाड़ा की तरह झूठे बहाने लगाते हुए लॉकडाउन में बाजारों व रोड पर निकलने से बाज नहीं आ रहे और कुछ दुकानदार तो लॉकडाउन के दौरान सुबह-सुबह अपनी दुकानें खोल लेते हैं। इसी तरह का नजारा लॉकडाउन के दौरान लालसोट शहर में देखा गया।
सुबह सात बजे से ही लॉकडाउन की पालना को लेकर अधिकारी सक्रिय नजर आए। उपखण्ड अधिकारी गोपाल जांगिड़ सुबह सात बजे ही ज्योतिबा फुले सर्किल पर पुलिस जाप्ते के साथ जा पहुंचे और बिना वजह घरों से बाहर निकलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। इसी दौरान ईओ सीमा चौधरी व नायब तहसीलदार भरोसलाल जाटव भी पुलिस व पालिकाकर्मियों के जाप्ते के साथ बाजारों में पहुंचे तो पुरानी अनाज मंडी, तहसील रोड व जमात क्षेत्र में खुली मिली चार दुकानों को सील करने की कार्रवाई की। इसके अलावा लॉकडाउन में बाजारों में परचूनी की दुकानें बंद रहने से अधिक सनाटा पसरा नजर आया और सभी बाजार सूने ही दिखाई दिए। लालसोट थाना प्रभारी राजवीर सिंह राठौड़ ने बताया कि शहर मेें घाटा हनुमान मंदिर, बस स्टेण्ड, मंडी तिराहा, जमात चौराहा व समेल पुलिया पर पुलिस द्वारा की जारी नाकाबंदी पर भी पुलिसकर्मियों द्वारा शहर व क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने वालों को रोका जा रहा है।


न्यायिक कर्मचारियों ने दी सहायता राशि
दौसा. न्यायिक कर्मचारी संघ दौसा ने कोविड महामारी को देखते हुए 18 से 44 आयु वर्ग वाले युवाओं के नि:शुल्क टीकाकरण के लिए सहायता राशि प्रदान की है। संघ के अनुसार जिला एवं सैशन न्यायाधीश दौसा अनन्त भण्डारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विद्यानन्द शुक्ल की प्रेरणा से दौसा न्यायिक क्षेत्र के सभी न्यायिक कर्मचारियों ने स्वेच्छा से 58 हजार 278 रुपए का आर्थिक सहयोग किया है। इस राशि को जिला विधिक प्राधिकरण सचिव प्रदीप कुमार एवं न्यायिक कर्मचारी जिलाध्यक्ष मुरारीलाल ने जिला कलक्टर पीयुष समारिया को सौंपी है। इस अवसर पर सचिव गिर्राज प्रसाद मीना, मनीष कुमार बंसल, नाजिर ज्ञानचंद सहित कई कर्मचारी मौजूद थे।
वहीं जिलाध्यक्ष मुरारीलाल ने कहा कि न्यायिक कर्मचारियों को राज्य में किसी भी विपदा में वर्ष के प्रत्येक दिवस पर ड्यूटी देनी पड़ती है। कोरोना काल में भी न्यायिक कर्मचारियों को ड्यूटी चार्ट के अनुसार अपने कार्य का निर्वहन करना पड़ा है। ऐसे में कई कर्मचारी संक्रमित भी हुए हैं। चिकित्सा विभाग के परिपत्र में भी न्यायिक कर्मचारियों की ड्यूटी को नजरअंदाज कर कर उनके 50 लाख अनुग्रह राशि की उपेक्षा की गई है। इससे न्यायिक कर्मचारियों में गहरा रोष है। इस सम्बन्ध में न्यायिक कर्मचारियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है। (निसं)

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