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अब पशुपालन के लिए भी मिलेगी केसीसी की सुविधा, पशुपालकों को कम ब्याज पर मिल सकेगी पूंजी

एक लाख 60 हजार रुपए तक के ऋण पर बैंक में किसी भी प्रकार के रहन की नहीं होगी जरुरत-आवेदन सही होने पर संबंधित बैंक को 15 दिन में स्वीकृत करना होगा ऋण-पशुपालन विभाग ने सभी संस्था प्रभारियों को पशुपालकों से आवेदन भरवाने के जारी किए निर्देश

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अब पशुपालन के लिए भी मिलेगी केसीसी की सुविधा, पशुपालकों को कम ब्याज पर मिल सकेगी पूंजी

दौसा शहर के लालसोट रोड पर स्थित पशुधन भवन।

दौसा. पशुपालन एवं मतस्यपालन के लिए पशुपालकों को भी किसान के्रडिट कार्ड (केसीसी) की सुविधा मुहैया हो सकेगी। इससे इन्हें कम ब्याज दर पर ऋण मिलने से कार्यशील पूंजी की कमी महसूस नहीं होगी। इसके लिए पुशपालन विभाग की ओर से सभी संस्थानों को पात्र पशुपालकों से आवेदन कराने के निर्देश दिए गए है।
जानकारी के अनुसार किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से डेयरी, मतस्य एवं पोल्ट्री कार्य आदि के लिए किसान के्रडिट कार्ड जारी कर कम ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराने के लिए एक कैपेन का आयोजन किया जाएगा। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए 26 नवबर 2021 को अतिरिक्त जिला कलक्टर की अध्यक्षता में डिस्ट्रीक्ट कोर्डिनेशन कमेटी की एक विशेष बैठक आयोजित की गई है। इसमें बैंक, पशुपालन विभाग एवं मतस्य विभाग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस पर पशुपालन विभाग की ओर से विभाग के संस्था प्रभारियों को पात्र पशुपालकों से केसीसी आवेदन भरवाकर जिला कार्यालय जमा कराने के निर्देश जारी किए है। इससे समय पर कैप आयोजित कर पशुपालक लाभान्वित हो सकेंगे। विभागीय सूत्रों का कहना है कि पशुपालकों को एक लाख 60 हजार रुपए तक के ऋण के लिए बैंक को किसी भी प्रकार के रहन (भूमि आदि) की भी जरुरत नहीं होगी। इस संबंध में पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ महेश शर्मा ने बताया कि केसीसी बनने से पशुपालन को बढ़ावा मिल सकेगा।


यह होगा लाभ
भूमि विहिन लघु एवं सीमान्त कृषक एवं अन्य किसान जो पशुपालन का कार्य करते है। उन्हें चारा, पानी, रखरखाव आदि के लिए न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध हो सकेगा। ऐसे पशुपालक जो दुधारु गाय, भैंस, भेड़ एवं बकरी रखते है। वो योजना के पात्र होगें। पूर्व में जिनके केसीसी बने हुए है या अक्रियाशील है। वे भी पशुपालन के लिए इस योजना के लिए अतिरिक्त आवेदन भरकर लाभ ले सकते है। इससे पशुपालन को बढ़ावा मिलने के साथ ही किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। वहीं बाजार में डेयरी उत्पाद अधिक मात्रा में उपलब्ध हो सकेंगे।

ऐसे होगा आवेदन
पशुपालक को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, दो फोटो, 50 रुपए के स्टांप पर स्वप्रमाणित पशुओं की संया उसकी व्यवस्था के लिए शेड की वचनबद्वता आदि सलंग्न करने होंगे। योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालक निकटतम पशु चिकित्सालय से सपर्क कर सकते है।
इनका कहना है
पशुपालकों की केसीसी बनवाने के लिए विभाग के संस्था प्रभारियों से आवेदन करवाने के लिए निर्देश दिए है। इससे अधिक से अधिक पात्र लोगों को केसीसी की सुविधा मिल सके। डॉ निरजंनलाल शर्मा, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग दौसा