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घर से युवक के शव को लेकर दोबारा सीएचसी पहुंचे परिजन

dausa करंट से युवक की मौत, किया हंगामालगाया लापरवाही का आरोप:

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घर से युवक के शव को लेकर दोबारा सीएचसी पहुंचे परिजन

लालसोट अस्पताल में दोबारा युवक की जांच करते चिकित्सक।

लालसोट. शहर के तंबाकू पाड़ा निवासी एक युवक की करंट से मौत होने पर चिकित्सक द्वारा मृत घोषित करने के बाद जीवन की आस में परिजन घर से दोबारा शव को लेकर सीएचसी जा पहुंचे। इस दौरान परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया। दोबारा चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित करने के बाद मामला शांत हो सका।
जानकारी के अनुसार प्रियांशु साहू (18) पुत्र ताराचंद साहू ज्योतिबा फुले सर्किल पर अपने पिता की थड़ी पर कुछ काम कर रहा था। इस दौरान करंट लगने से अचेत हो गया। परिजन उसे लेकर लालसोट सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस भी सीएचसी जा पहुंची, लेकिन जानकारी प्राप्त करने से पहले ही शव को लेकर परिजन घर ले गए। घर पर परिजनों को उसके शरीर में कुछ जीवन की आशा दिखाई दी तो वे फिर से लालसोट सीएचसी जा पहुंचे और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाने लगे। पालिकाध्यक्ष रक्षा मिश्रा व दिनेश मिश्र भी जा पहुंचे और युवक के परिजनों को सांत्वना देते हुए सीएचसी की अव्यवस्थाओं पर रोष प्रकट कर नाराजगी जताई।
मिश्रा का कहना था कि लालसोट सीएचसी में अव्यवस्थाओं का आलम है, मरीजों को समय पर उपचार नहीं दिया जाता है और एंबुलेंस भी शोपीस बन कर खड़ी है। इसी दौरान डॉ. अभिजीत आसिका भी सीएचसी जा पहुंचे और उन्होंने भी युवक को मृत घोषित करते हुए बताया कि इसकी मौत करीब आधा घंटे पूर्व ही हो चुकी है।
बीसीएमओ डॉ. धीरज शर्मा भी पहुंचे और मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती है। करंट लगने के बाद युवक को जब पहली बार परिजन सीएचसी ले कर पहुंचे थे, तब ही उसकी मौत हो चुकी थी। बाद में परिजनों को सांंत्वना प्रदान कर घर भेजा। एएसआई लक्ष्मण सिंह ने बताया कि पंचनामे व पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

श्वानों के हमले से मोर की मौत
दुब्बी. ग्राम पंचायत बाणे का बरखेड़ा में श्वानों ने हमला कर एक मोर को घायल कर दिया। ग्रामीणों ने श् वानों के चंगुल से मोर को छुड़ाकर वन विभाग के कर्मचारियों को अवगत कराया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। कुछ देर बाद मोर की मौत हो गई। उसके बाद मुथरेश गुर्जर सहित अन्य ग्रामीणों ने उसे दफना दिया।