फर्जी डिग्री के सहारे शिक्षाकर्मी की नौकरी करने वालों की जांच में आई तेजी, दस्तावेजों को खंगाल रही टीम

फर्जी डिग्री के सहारे शिक्षाकर्मी की नौकरी करने वालों की जांच में आई तेजी, दस्तावेजों को खंगाल रही टीम

Deepak Sahu | Updated: 05 Apr 2019, 03:34:34 PM (IST) Dhamtari, Dhamtari, Chhattisgarh, India

फर्जी डिग्री के सहारे शिक्षाकर्मी बनने के मामले में जांच कार्रवाई में तेजी आ गई है।

धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में फर्जी डिग्री के सहारे शिक्षाकर्मी बनने के मामले में जांच कार्रवाई में तेजी आ गई है। अपर कलक्टर की अध्यक्षता में बनी जांच टीम ने एक-एक दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है। कुछ दस्तावेजों की सत्यापन रिपोर्ट भी आ गई है।

धमतरी जिले में बड़ी संख्या में लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे शिक्षाकर्मी की नौकरी हासिल कर लिया है। उल्लेखनीय है कि जिले में वर्ष-2005 से 2007 तक हुई शिक्षाकर्मी वर्ग-1,2 और 3 में भर्ती प्रक्रिया में व्यापक पैमाने पर अनियमितता हुई थी। आरटीआई कार्यकर्ता कृष्ण कुमार साहू ने सूचना के अधिकार के तहत मिले दस्तावेजों के सहारे इस भर्ती में फर्जीवाड़े का उजागर किया था। इसके बाद यह मामला धमतरी के साथ ही पूरे छत्तीसगढ़ में सुर्खियों में आ गया। सीआईडी और लोक आयोग से भी शिकायतें हुई। बताया जा रहा है कि लोक आयोग में इसकी जांच लंबित हैं। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन भी इसकी अलग से जांच शुरू कर दी है।

आने लगी सत्यापन रिपोर्ट
अपर कलक्टर केआर ओगरे की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई गई हैं। यह समिति संदेह के दायरे में आने वाले शिक्षाकर्मियों की एक-एक अंकसूची, बीएड, डीएड, खेलकूद और अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच कर रही है। इन दस्तावेजों को सत्यापन के लिए संबंधित संस्थाओं में भी भेजा गया हैं, जहां से कुछ दस्तावेज सत्यापित होकर आ भी गए हैं। बताया जा रहा है कि शेष बचे दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

अपर कलक्टर, केआर ओगरे ने बताया शिक्षाकर्मी भर्ती में अनियमिता के मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। संदेह के दायरे में आने वाले शिक्षाकर्मियों के दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। जल्द इस पर कार्रवाई होगी।

यहां का है मामला
उल्लेखनीय है कि जिले में शिक्षकर्मियों के फर्जी डिग्री के मामले में धमतरी जनपद पंचायत में 14 प्रकरणों की जांच लंबित है। इसी तरह नगरी में 40 और मगरलोड में 160 शिक्षाकर्मी फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी कर रहे हैं। इनमें से 15 मामले न्यायालय में चल रहे हंै। नगरी ब्लाक के 5 शिक्षाकर्मियों को तो जेल की हवा भी खानी पड़ी है।

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