महिला ने लिया था प्रण, अब मौत के बाद भी सुलोचना की आंखें देखेगी दुनिया

मां की इच्छा का सम्मान कर परिजनों ने उनकी मौत के बाद नेत्रदान कर दिया।

By: चंदू निर्मलकर

Published: 09 Feb 2018, 06:47 PM IST

धमतरी. नेत्रदान से बड़ा कोई दान नहीं, जिसमें जीव, निर्जीव होकर भी दूसरे के काम आ सकता है। यह ध्येय वाक्य दर्रा की बुजुर्ग महिला सुलोचना साहू के जेहन में इस कदर बैठ गया कि उसने नेत्रदान करने का प्रण कर लिया। मां की इच्छा का सम्मान कर परिजनों ने उनकी मौत के बाद नेत्रदान कर दिया।

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उल्लेखनीय है कि कुरूद ब्लाक के ग्राम दर्रा में सप्ताहभर के भीतर दूसरी बुजुर्ग महिला ने नेत्रदान किया है। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. जेएस खालसा ने बताया कि गुरूवार को ग्राम दर्रा निवासी सुलोचना बाई साहू (65) पति घुरवा राम का सुबह 6 बजे निधन हो गया। महिला ने नेत्रदान करने के लिए पूर्व से ही अपने परिजनों के समक्ष इच्छा जताई थी, जिस पर उन्होंने तत्काल इसकी सूचना जिला अस्पताल को दी। इसके बाद सीएमओ डा. डीके तुर्रे के मार्गदर्शन में जिला अंधत्व निवारण की एक टीम गांव भेजी गई।

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नेत्र सहायक अधिकारी गुरूशरण साहू अपने सहयोगी क्षितिज साहू, शैलेष साहू, नोहर लाल, तोमेश्वर भंडारी, गीताराम साहू के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया संपादित की और तत्काल नेत्र को रायपुर के नेत्र बैंक में जमा कर दिया गया।

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एक और महिला ने किया था
गौरतलब है कि इसके तीन दिन पहले 5 फरवरी को इसी गांव में एक अन्य बुजुर्ग महिला अनुसुईया बाई ने भी नेत्रदान किया था। उसने मृत्यु से पहले ही नेत्रदान की घोषणा की थी।

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चंदू निर्मलकर Desk
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