
जिस घर में ये तीन चीज रहती हैं, वहां ना तो धन की कमी और ना ही कोई बेरोजगार रहता
तंत्र शास्त्र में अनेकों ऐसे उपाय बतायें गये जिनकी सहायता से हर समस्या का समाधान किया जा सकता है । आज के समय में हर किसी की इच्छा होती है कि उनके घर में भरपूर धन भरा रहे और परिवार के हर सदस्य को स्थाई रोजगार मिले । अगर आप भी चाहते है की आपके घर में सदैव सुख शांति बनी रहे, कभी भी धन की कमी ना हो, कोई भी बेरोजगार ना रहे तो अपने घर में ये तीन चीज जरूर हमेशा रखे, इससे घर में मां लक्ष्मी स्थाई रूप से बनी रहती हैं ।
1- कमलगट्टे की माला- अर्थ बिना सब व्यर्थ है, माना जाता है कि कमलग्टे की माला से धन प्राप्ति के मार्ग खुलने लगते हैं, दरअसल कमलगट्टे लक्ष्मी जी को प्रिय है, कमल के बीज से बनी माला से महालक्ष्मी के विशेष मंत्रों का जप किया जाए तो व्यक्ति के उपर शीघ्र ही माता लक्ष्मी की कृपा बरसने लगती हैं, अगर घर के पूजा स्थल में कमल गट्टे की 108 दाने वाली माला को रखा जाए, और उसी माला से अपने इष्टदेव के नाम का 108 बार नाम जप किया जाए तो घर तथा मन में सकारात्मक वातावरण और भावों का संचार होगा ।
2- मोतीशंख- शंख एक ऐसी शुभ चीज है जिसे अधिकतर लोग अपने घर में पूजा स्थल या अन्यत्र कहीं और रखते ही है । वैसे तो शंख कई तरह के पाएं जाते हैं और सबके अलग अलग महत्व भी होते हैं, लेकिन दक्षिणवर्ती शंख एवं मोती शंख अधिक शुभ फलदायी माने जाते है, मोतीशंख थोड़ा चमकीला होता है, इस शंख को विधि-विधान पूर्वक पूजन करके यदि घर की तिजोरी में रख दिया जाए तो, घर, कार्यस्थल, व्यापार स्थल आदि में पैसों की आवक बढ़ने लगती हैं ।
3- स्वास्तिक- स्वास्तिक तो स्वयं अपने आप में शुभ होता है, पुराणों में स्वास्तिक को माता महालक्ष्मी और श्री गणपति जी का प्रतीक माना गया है, यदि स्वास्तिक का चित्र घर के मुख्य दरवाजे के उपर लगाया या सिंदुर में गाय का घी मिलाकर बनाया जाय तो इसके बड़े ही सकारात्म परिणाम घर में रहने वाले लोगों को मिलने लगते हैं । उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होने लगती है । स्वास्तिक संस्कृत के 'सु' और 'अस्ति' से मिलकर बना हुआ है, जिसका अर्थ होता है, 'शुभ' स्वास्तिक से परिवार, धन, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी खत्म होती हैं ।
Published on:
06 Mar 2019 03:42 pm
बड़ी खबरें
View Allधर्म-कर्म
धर्म/ज्योतिष
ट्रेंडिंग
Ekadashi May 2026 Calendar: मई 2026 में आ रही हैं 2 बड़ी एकादशी, जान लें तारीख, पारण समय और खास नियम

