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Purnima Jyeshth 2023: दो दिन ज्येष्ठ पूर्णिमा, दोनों दिन शुभ योग, तीन जून को व्रत, अगले दिन दान

ज्येष्ठ पूर्णिमा को लेकर इस साल काफी असमंजस की स्थिति बन गई है। कई लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि किस दिन पूर्णिमा का व्रत रखा जाय, ऐसे लोगों के सवालों का जवाब दे रहे हैं हल्द्वानी के श्रीमहादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय देवलचौड़ के प्राचार्य और ज्योतिषी डॉ. नवीन चंद्र जोशी।
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Pravin Pandey

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Updated: 2 Jun 2023, 12:49 PM IST

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ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत 2023 पर असमंजस की स्थिति

तीन जून को पूर्णिमा व्रत
पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि तीन जून को सुबह 11.16 बजे से लग जाएगी और चार जून को सुबह 9.11 बजे तक रहेगी। ज्योतिषी डॉ. नवीन चंद्र जोशी का कहना है कि चंद्रव्यापिनी तिथि के चलते पूर्णिमा व्रत तीन जून को रखा जाएगा, क्योंकि पूर्णिमा पर चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व होता है और पूर्णिमा व्रत रखने वाले लोग शाम को चंद्रोदय के बाद चंद्रदेव को अर्घ्य देते हैं और चार जून को सुबह तक ही पूर्णिमा तिथि रहेगी। इसके बाद आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। इसलिए चंद्रव्यापिनी तिथि के आधार पर तीन जून को ही ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत रखा जाएगा। तीन जून को चंद्रोदय शाम 6.39 बजे होगा।

चार जून को स्नान दान
ज्योतिषी डॉ. नवीन चंद्र जोशी के अनुसार पूर्णिमा का स्नान दान उदया तिथि में होता है। इसलिए ऐसे लोग जो व्रत नहीं रखते सिर्फ स्नान दान करते हैं। वो उदया तिथि में चार जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा मनाएंगे और इसी दिन स्नान दान करेंगे। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। इससे इस दिन स्नान दान का महत्व बढ़ गया है।

दो दिन पूर्णिमा, दोनों दिन शुभ योग
इस साल 2023 की पूर्णिमा बेहद खास है। इस बार दो दिन ज्येष्ठ पूर्णिमा मनाई जाएगी यानी लोगों को दो दिन पूजा पाठ का अवसर मिल रहा है। खास बात यह है कि दोनों दिन शुभ योग बन रहे हैं। व्रती शिव योग में पूजा करेंगे। इसके अलावा सिद्ध योग और रविव योग में भगवान का ध्यान बेहद पुण्यफलदायक है। वहीं चार जून को जो लोग स्नान दान करना चाहते हैं, उनके लिए इस समय चावल, खीर, दूध, चांदी सफेद वस्त्र सफेद फूल का दान करना चाहिए। इससे इन्हें चंद्रमा का आशीर्वाद मिलेगा और चंद्रदोष दूर होगा।

ये भी पढ़ेंः सर्वार्थ सिद्धि योग में ज्येष्ठ पूर्णिमा का स्नान दान, ये मंत्र और अचूक उपाय करेंगे सौभाग्य में वृद्धि, तिजोरी नहीं होगी खाली

ज्येष्ठ पूर्णिमा तीन जून को शुभ योग


शिव योगः सुबह से लेकर दोपहर 2.48 बजे तक
सिद्ध योगः दोपहर 2.48 बजे से देर रात तक
रवि योगः सुबह 5.23 बजे से सुबह 6.16 बजे तक

ज्येष्ठ पूर्णिमा चार जून को शुभ योग और मुहूर्त


ब्रह्म मुहूर्त : चार जून सुबह 04:34 बजे से 05:17 बजे तक
अभिजित मुहूर्त : दोपहर 12:10 बजे से 01:03 बजे तक
विजय मुहूर्त : दोपहर 02:49 बजे से 03:42 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त : शाम 07:12 बजे से 07:34 बजे तक
अमृत काल मुहूर्त : शाम 07:12 बजे से रात 08:41 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग : चार जून सुबह 03:23 बजे से 05 जून को सुबह 06:00 बजे तक।

नहीं रहेगा भद्रा का असर
तीन जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भद्रा का साया है। इस दिन भद्रा सुबह 11.16 बजे से रात 10.17 बजे तक है। हालांकि पूजा पाठ के लिए भद्राकाल का अवरोध नहीं रहता है। वैसे भी भद्रा का वास स्वर्ग में है, इसलिए धरती पर इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा।