janmashtami 2019 : 23- 24 अगस्त 2019 को है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, अभी से कर लें ऐसी सुंदर व सरल पूजा की तैयारी

Janmashtami 2019 - Lord Krishna Janmashtami is on 24 August 2019, prepare for beautiful and simple worship: 24 अगस्त दिन शनिवार को पूरे देश में हर्षोल्लास पूर्वक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया जायेगा।





By: Shyam

Published: 16 Aug 2019, 04:54 PM IST

जैसे भगवान शिव को सावन मास सबसे अधिक प्रिय होता है वैसे भादो मास (भाद्रपद) भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय माना जाता है। इसी भादो मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान श्री विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लिया था। तभी से इस दिन जन्माष्टमी महापर्व का त्यौहार पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया जाता है। साल 2019 में कुछ लोग 23 एवं कुछ लोग 24 अगस्त को पूरे देश में हर्षोल्लास पूर्वक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया जायेगा।

 

Sri Krishna Janmashtami

विष्णु के अवतार कान्हा जी

कान्हा जी योगेश्वर श्रीकृष्ण जगत के पालनहार भगवान श्री विष्णु जी के एक अवतार है जिन्होंने धरती से अधर्म का अंत करने के लिए जन्म लिया था। कृष्ण भक्त जन्माष्टमी के दिन व्रत रखकर अष्ठमी की रात 12 बजे भगवान का श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन हजारों श्रद्धालु दूर दूर से योगेश्वर श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जाकर कान्हा की जन्मभूमि का दर्शन करते हैं।

Sri Krishna Janmashtami

कन्हैया की शरण में

इस दिन भक्त नंदलाल कृष्ण कन्हैया की शरण में जाते हैं और अपने कष्टों के निवारण के लिए पूजा अर्चना कर प्रार्थना करते हैं। जन्माष्टमी के दिन शहरों, गांवों के गली मुहल्लों में श्रीकृष्ण जन्म के जन्मोत्सव को दही हांड़ी के रूप में हर्षोल्लास से मनाते हैं। कुछ भक्त भगवान विष्णु जी या श्री राधाकृष्ण मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना करते हैं और उत्सव का आनंद लेते हैं ।

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जन्माष्टमी पर ऐसे करें व्रत व पूजा

1- जन्माष्टमी का व्रत करने वाले भक्त व्रत से एक दिन पूर्व (सप्तमी तिथि को) हल्का तथा सात्विक भोजन करें। ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए रातभर कृष्ण भक्ति में लिन रहे।

2- जन्माष्टमी व्रत में अष्टमी के उपवास से पूजन और नवमी के पारणा से व्रत की पूर्ति होती है।

3- जन्माष्टमी के दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत होकर सभी देवताओं को नमस्कार करके पूर्व या उत्तर को मुख करके बैठें।

Sri Krishna Janmashtami

4- घर के पूजा स्थल पर सुंदर सा पालना तैयार कर उसमें कान्हा जी के बाल स्वरूप की स्थापना करें।

5- पहले कान्हा जी का पंचामृत स्नान करावें।

6- संभव हो तो षोडशोपचार विधि से पूजन भी करें।

7- माखन मिश्री के साथ धनिया की पंजरी का भोग लगावें।

8- विधिवत पूजन के बाद कान्हा जी की श्रद्धापूर्वक आरती भी करें।

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