प्रेमिका को पाने के लिए इस मंदिर में युवा करते हैं पूजा, मंदिर में नहीं घुस सकते बच्चे और बूढ़े

इस मंदिर में बच्चों तथा वृद्धों का प्रवेश पूरी तरह से बंद है, केवल युवा ही यहां पूजा कर सकते हैं।

By: सुनील शर्मा

Published: 11 Feb 2021, 08:27 AM IST

पूरे विश्व में वेलेंटाइन डे को प्रेमियों के त्यौहार के रुप में मनाया जाता है। इस दिन सभी युवा अपने-अपने वेलेंटाइन के साथ घूमने के लिए किसी अच्छे और एकांत जगह पर जाना चाहते हैं परन्तु छत्तीसगढ़ में एक जगह मंदिर माता मुकड़ी मावली ऐसी भी है जहां कि युवा अपनी प्रेमिकाओं को पाने के लिए मंदिर में पूजा करते हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस मंदिर में बच्चों तथा वृद्धों का प्रवेश पूरी तरह से बंद है, केवल युवा ही यहां पूजा कर सकते हैं।

यह भी पढें: बालक की तपस्या से प्रसन्न होकर प्रकट हुए थे महाकाल, दर्शन मात्र से दूर होते हैं सारे कष्ट

यह भी पढें: महाशिवरात्रि को बने तीन विशेष योग, शिव की आराधना से बन जाएंगे सारे काम

यह भी पढें: भगवान शिव को कभी न चढ़ाएं ये वस्तुएं, जानिए क्या हैं इनका राज

मां को दिखानी होती है प्रेमिका की तस्वीर
छत्तीसगढ के आदिवासी बहुल दंतेवाड़ा जिले के एक गांव के युवा अपनी प्रेयसियों को पाने के लिए गांव के ही एक उजाड़ से मंदिर माता मुकड़ी मावली (वन राक्षसी) का रुख करते हैं। दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर छिंदनार ग्राम से चार किमी की दूरी पर एक टेकरी में माता मुकड़ी मावली का मंदिर है।

यह भी पढें: यहां है बेताल की गुफा, छत से टपकता है देसी घी, आने वालों की इच्छाएं होती हैं पूरी

यह भी पढें: इस एक रेखा से तय होता है आदमी का भाग्य, इन उपायों से खुलती है किस्मत

जनश्रुतियों के अनुसार माता मुकड़ी मावली मंदिर की माता को युवा अपनी प्रेमिका की तस्वीर तथा उसके कपडे के टुकड़े दिखाते हुए पूजा करते हैं तथा पास स्थित पत्थर के नीचे दबा देते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से मां प्रसन्न होकर प्रेमी-प्रेमिका का मिलन करा देती है।

मन्नत पूरी होने पर भोग भी लगाना होता है
मन्नत पूरी होने पर देवी को भोग में बकरा, मुर्गी व बत्तख चढ़ाई जाती है। यहां के पुजारी मनोहर (75) बताते हैं कि मंदिर में केवल युवकों को ही प्रवेश दिया जाता है। वे दूर से देवी की पूजा कर पुजारी के जरिए अपनी बात देवी तक पहुंचाते हैं। युवकों को पूजा के लिए प्रेयसी की तस्वीर व उसके कपड़े का टुकड़ा लाना होता है। उन्होंने बताया कि देवी की पूजा के लिए कोई विशेष दिन तय नहीं है। आषाढ़ में यहां मेला लगता है। हालांकि इन दिनों वेलेंटाइन डे के बढ़ते क्रेज को देखते हुए वेलेंटाइन डे पर भी काफी युवा पूजा करने आते हैं।

valentine day
सुनील शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned