जिले में शादियों से जुड़े कारोबार को 15 करोड़ का फटका

धौलपुर. कोरोना संक्रमण के चलते एक फिर से जिले में शादियों से जुड़े कारोबार को 15 करोड़ रुपए फटका लगेगा। जिले में कोरोना की दूसरी लहर को लेकर राज्य सरकार की ओर से शादियों में 50 व्यक्तियों की संख्या सीमित करने के बाद शादियों के लिए बुक मेरिज होम्स की धड़ाधड़ बुकिंग निरस्त होती जा रही है।

By: Naresh

Updated: 19 Apr 2021, 06:38 PM IST

जिले में शादियों से जुड़े कारोबार को 15 करोड़ का फटका
जिले में मेरिज होम में 800 में से 500 शादियां निरस्त
अप्रेल-मई में हैं पन्द्रह सावे, जिले में हैं करीब 80 मेरिज होम

धौलपुर. कोरोना संक्रमण के चलते एक फिर से जिले में शादियों से जुड़े कारोबार को 15 करोड़ रुपए फटका लगेगा। जिले में कोरोना की दूसरी लहर को लेकर राज्य सरकार की ओर से शादियों में 50 व्यक्तियों की संख्या सीमित करने के बाद शादियों के लिए बुक मेरिज होम्स की धड़ाधड़ बुकिंग निरस्त होती जा रही है। शादियों में 31 मई तक पचास व्यक्ति की ही संख्या निर्धारित करने के बाद से ही अप्रेल ही नहीं मई माह में होने वाली शादियों की भी अधिकांश बुकिंग निरस्त हो गई हैं। इस कारण मेरिज होम से जुड़े कारोबार को तो झटका लगा ही है, वहीं शादियों में अन्य व्यवस्थाएं भी निरस्त हो रही है। इससे करीब 15 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो रहा है।

जिले में 80 मेरिज होम
जिले में जिला मुख्यालय सहित छोटे-बड़े करीब 80 मेरिज होम हैं। इस बार अप्रेल व मई माह में करीब 15 सावे हैं। इनमें से अधिकांश औसत दस शादियों के लिए बुकिंग तय हो गई थी। लेकिन जैसे ही राज्य सरकार ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पचास व्यक्तियों की संख्या निर्धारित की है, वैसे ही आयोजकों ने शादियों की बुकिंग निरस्त करना शुरू कर दिया है। एक अनुमान के मुताबिक इस दौरान करीब 800 शादियों में से 500 शादियों की बुकिंग निरस्त हो गई हैं।

एक शादी में करीब तीन लाख का कारोबार प्रभावित
मेरिज होम संचालकों की मानें तो मेरिज होम से शादी निरस्त होने के चलते एक शादी में करीब तीन लाख रुपए का कारोबार प्रभावित होता है। मेरिज होम की राशि तो घटती ही है, साथ ही कैटरिंग, मजदूरी, लाइटिंग, डेकोरेशन, बैण्ड बाजा, हलवाई सहित अन्य छोटी-मोटी व्यवस्थाएं भी निरस्त कर दी जाती है।
बैण्ड वालों की रोजी-रोटी पर संकट

शादियों में पचास लोगों की सीमा तय करने से लोगों ने बड़े बैण्डबाजों को भी निरस्त कर दिया है। ऐसे में जहां एक शादी में 60 से 80 हजार रुपए का बैण्ड होता था, वहीं अब केवल आठ से दस हजार रुपए वाला ही बैण्ड किया जा रहा है। बैण्ड वालों का कहना है कि गत वर्ष भी कोरोना के कारण कोई आय नहीं हुई थी। ऐसे में कर्ज लेकर कलाकारों का घर चलाया था। इस बार कमाई की उम्मीद थी, लेकिन अब ऐनवक्त पर कोरोना का कहर बढऩे से फिर से भूखे मरने की नौबत आ गई है। अब खुद का खर्च चलाएं या फिर कलाकारों के घर के लिए खर्च दें।

मेरिज होम के टैक्स में नहीं कमी
मेरिज होम संचालकों को भी इस बार बड़ी संख्या में बुकिंग होने से कमाई की आस बंधी थी, लेकिन ऐनवक्त पर कोरोना संक्रमण बढऩे के कारण उनके अरमानों पर भी पानी फिर गया है। लेकिन उनका दुख इस बात को लेकर और है कि सरकार की ओर से उन पर लगाए गए टैक्स में कोई कमी नहीं की जा रही है। ऐसे में एक ओर आय नहीं हो रही है, तो दूसरी ओर टेक्स भी भरना मजबूरी है। इससे उन पर दोहरी मार पड़ रही है।
आयोजक भी मायूस
शादी-विवाह समारोह में संख्या सीमित करने के कारण शादी आयोजक भी मायूस हैं। उन्होंने भी अरमानों से धूमधाम से शादी करने का मन बनाकर लाखों रुपए के मेरिज होम, बड़ी संख्या में लोगों का खाना, बैण्ड बाजे सहित अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च कर दिया। लेकिन अब छोटे व सादे समारोह में ही शादी करनी पड़ रही है। ऐसे में साई पेटे दी गई राशि भी डूब रही है।
इनका कहना है
जिले में करीब 80 मेरिज होम में से अप्रेल व मई माह में औसत 800 शादियों में पांच सौ शादियों की बुकिंग निरस्त हो गई है। प्रत्येक शादी में करीब 3 लाख का कारोबार प्रभावित होता है तो करीब 15 करोड़ का व्यवसाय का फटका लगा है। वहीं मेरिज होम को सरकार से टेक्स में कोई राहत नहीं है।
विमल भार्गव, अध्यक्ष, सामाजिक समारोह स्थल प्रदाता समिति जिला धौलपुर।

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