script शहर के आसपास मेसेनरी स्टोन की नहीं खान, फिर भी लग रही मण्डी | There is no mine for masonry stone, yet a market is being set up | Patrika News

शहर के आसपास मेसेनरी स्टोन की नहीं खान, फिर भी लग रही मण्डी

locationधौलपुरPublished: Jan 20, 2024 12:46:20 pm

Submitted by:

rohit sharma

प्रदेश में भजनलाल सरकार ने अवैध खनन को लेकर 15 से 31 जनवरी तक अभियान छेड़ रखा है। अभियान के तहत कार्रवाई के लिए एसआईटी टीम का गठन कर रखा है।

शहर के आसपास मेसेनरी स्टोन की नहीं खान, फिर भी लग रही मण्डी
शहर के आसपास मेसेनरी स्टोन की नहीं खान, फिर भी लग रही मण्डी
धौलपुर. प्रदेश में भजनलाल सरकार ने अवैध खनन को लेकर 15 से 31 जनवरी तक अभियान छेड़ रखा है। अभियान के तहत कार्रवाई के लिए एसआईटी टीम का गठन कर रखा है। अवैध तरीके से खनिज सामग्री निकालने पर पहली कार्रवाई स्वयं नव नियुक्त जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी के नेतृत्व में बसेड़ी उपखण्ड के वन क्षेत्र में की गई। यहां संरक्षित वन इलाके में खनन माफिया खनिज सामग्री चोरी करने में लगा था। हालांकि, ये पहले जिम्मेदारों को नजर नहीं आया। इसी तरह धौलपुर शहर के आसपास मेसेनरी स्टोन की वर्तमान में कोई लीज नहीं है लेकिन इसके बाद भी प्रतिदिन सैकड़ों ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में लद कर कथित अवैध खनिज सामग्री की बिक्री हो रही है। खास बात ये है कि जिला कलक्ट्रेट से कुछ दूरी पर ही मेसेनरी स्टोन (खण्डा) की मण्डी लग रही है लेकिन ये किसी को नजर नहीं आ रही है। यहां मोलभाव को होकर ट्रेक्टर-ट्रॉलियां से पत्थर पहुंच रहा है।

चंबल गार्डन समेत कुछ इलाकों से चोरी हो रहा पत्थर

शहर में हाउसिंग बोर्ड स्थित चंबल गार्डन व पुरानी छाबनी क्षेत्र समेत कुछ स्थानों पर मेसेनरी स्टोन खुलेआम चोरी हो रहा है। इन इलाकों से पत्थर निकाल कर ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में लादकर जगदीश तिराहे पर पहुंचता है। यहां से खरीदार इन्हें ले जाते हैं। वहीं, कई सीधे निर्माण स्थल पर पहुंचा रहे हैं। उधर, खनिज विभाग का कहना है कि मेसेनरी स्टोन की शहर के आसपास कोई लीज नहीं है। राजाखेड़ा क्षेत्र में जरुर एक लीज है। लेकिन उस इलाके का पत्थर शहरी क्षेत्र में नहीं आता है।

15 से 31 जनवरी तक अभियान

बता दें कि प्रदेश में खनन माफिया पर रोक लगाने के लिए सरकार ने 15 से 31 जनवरी तक विशेष अभियान चला रखा है। अभियान में कार्रवाई के लिए एसआईटी टीम का गठन भी है। टीम में राजस्व, खनन, परिवहन, वन और पुलिस विभाग के अधिकारी व कार्मिक शामिल हैं। इस टीम को अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

खनिज के साथ बजरी का जमकर अवैध परिवहन

खनिज के साथ प्रतिबंधित चंबल बजरी का अवैध तरीके से परिवहन हो रहा है। चंबल बजरी पर नकेल कसने में जिम्मेदार फौरी तौर पर नाकाम साबित हुए हैं। हालांकि, विधानसभा चुनाव के दौरान हाइवे समेत स्टेट मार्गों पर सख्त नाकाबंदी के चलते अवैध बजरी परिवहन में कमी आई थी। लेकिन चुनाव समाप्ति के बाद वापस बजरी लदी ट्रेक्टर-ट्रॉलियों का निकलना शुरू हो गया है।

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