14 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पिछले 10 सालाें में भारत में नशीली दवाओं के उपयोग में 30% की वृद्धि

भारत में नशीली दवाओं के उपयोग में 2009 के मुकाबले 30 प्रतिशत की वृद्धि हुर्इ
less than 1 minute read
Google source verification
drug disorders

पिछले 10 सालाें में भारत में नशीली दवाओं के उपयोग में 30% की वृद्धि

यूनाइटेड नेशन की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में नशीली दवाओं के उपयोग में 2009 के मुकाबले 30 प्रतिशत की वृद्धि हुर्इ।रिपाेर्ट के अनुसार पिछले दस सालाें में मादक पदार्थों की खपत लगातार बढ़ी है। दुनियाभर में करीब 35 मिलियन लोग नशीली दवाओं के विकारों से पीड़ित हैं।संयुक्त राष्ट्र ने पदार्थ के दुरुपयोग से हाेने वाले स्वास्थ्य और आपराधिक प्रभाव से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता काे लेकर चेताया भी है।

संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स एंड क्राइम, कार्यालय के अनुसार भारत और नाइजीरिया में किए गए एक बेहतर आैर सटीक शोध में यह देखा गया कि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले 10 देशाें में शुमार भारत और नाइजीरिया में ड्रग्स दुरुपयोग के मामले पिछले सालाें की तुलना में तेजी से बढ़े हैं। 2018 में हुआ भारतीय सर्वेक्षण पूरे राष्ट्र में 5,00,000 लोगों के साक्षात्कार पर आधारित था। इस अध्ययन ने विश्व स्तर पर नशीली दवाओं के उपयोग के अधिक सटीक आंकड़ों में योगदान दिया है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 271 मिलियन लोग जो किसी भी दवा का उपयोग करते हैं, उसमें से 35 मिलियन (लगभग 13 प्रतिशत) ड्रग उपयोग विकार से पीड़ित हैं।जिनमें से करीब 4.5 मिलियन लोग भारत और नाइजीरिया से हैं।

2017 में ड्रग के इस्तेमाल से करीब 5,85,000 लोगों की मौत के साथ, मादक पदार्थाें के सेवन से मरने वालों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

रिपाेर्ट के अनुसार विश्व स्तर पर नशीली दवाओं के उपयोग के नकारात्मक परिणामों के बीच, मानसिक स्वास्थ्य विकार, एचआईवी संक्रमण, हेपेटाइटिस सी और ओवरडोज जैसी मुख्य चिंताएं भी हैं, जिनमें से कई अकाल मृत्यु का कारण बन सकती हैं।

बड़ी खबरें

View All

रोग और उपचार

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल