जानें क्या है केमिकल पीलिंग और क्यों होती है इसकी जरूरत

जानें क्या है केमिकल पीलिंग और क्यों होती है इसकी जरूरत

त्वचा से काले धब्बे, कील-मुहांसों के दाग व झुर्रियों को हटाने में केमिकल स्किन पीलिंग ट्रीटमेंट कारगर है। इससे त्वचा में कसावट भी आती है।

त्वचा में आता निखार
सुन्दर चेहरा हर किसी को अच्छा लगता है। केमिकल पीलिंग से त्वचा साफ होती है। इसमें चेहरे पर केमिकल लगाते हैं। जिससे त्वचा हटकर नई आ जाती है। इस प्रकिया में एक सप्ताह लग जाता है।
पीलिंग में 4 से 6 सप्ताह का अंतराल जरूरी होता
पीलिंग का असर लंबे समय तक बना रहे ऐसे में विशेषज्ञ 3-4 बार पीलिंग करवाने की सलाह देते हैं। हर पीलिंग में 4 से 6 सप्ताह का अंतराल रखते हैं। यह डीप एक्सफोलिएट ट्रीटमेंट होता है जो नई परत व कोशिकाओं को त्वचा के ऊपर ले आता है और त्वचा को जवां बना देता है।
बचाव
नई त्वचा पहले से ज्यादा मुलायम और साफ होती है। उपचार के दौरान धूप से बचाव करना चाहिए। गर्म पानी से मुंह न धोएं। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
बच्चों पर पीलिंग नहीं की जाती है। युवाओं पर ज्यादा होती है। विशेषज्ञ तय करते हैं कि किस मरीज पर ये उपचार किया जा सकता है।
होती है जलन
पीलिंग के दौरान जलन महसूस होती है जो पांच से दस मिनट तक रहती है। कई बार चुभन भी हो सकती है। इसमें ठंडा पानी लगाने से आराम मिलता है। यदि फिर भी आराम नहीं मिलता है तो चिकित्सक की परामर्श से दवा लेनी चाहिए।
सावधानियां
उपचार विशेषज्ञ की देखरेख में लेना चाहिए। त्वचा पर लगाए जाने वाला केमिकल कितना लगाया जाए व
कितना स्ट्रॉन्ग हो इसकी जांच होती है। यदि पीलिंग के बाद सावधानी नहीं
रखी जाए तो त्वचा को नुकसान हो सकता है।
डॉ. विजय पालीवाल, त्वचा रोग विशेषज्ञ

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