पाइल्स, फिस्टुला और फिशर से पीड़ित है, तो ऐसे होता होम्योपैथी में इलाज

होम्योपैथी कई बीमारियों में कारगर है। इस पैथी में बिना सर्जरी के सटीक इलाज किया जाता है।

ध्यान रखें न हो कब्ज
होम्योपैथी कई बीमारियों में कारगर है। इस पैथी में बिना सर्जरी के सटीक इलाज किया जाता है। पाइल्स, फिस्टुला या फिर फिशर की समस्या में होम्योपैथी कारगर है। देखने में आता है कि पाइल्स की सर्जरी के बाद भी कुछ लोगों को फिर से दिक्कत हो जाती है। होम्योपैथी दवा से इस समस्या में राहत मिल सकती है। मरीज को दवा उसकी स्थिति देखकर अलग-अलग पोटेंसी (ताकत) में देते हैं। पाइल्स की शुरुआती अवस्था में होम्योपैथी दवा लेने व बताया गया परहेज करने से मस्से की साइज कम होकर वे सूखने लगते हैं। इस बात का ध्यान रखना होता है कि कब्ज न हो।
जड़ से होता इलाज
पाइल्स, फिस्टुला या फिर फिशर की समस्या में होम्योपैथी में इलाज बिना सर्जरी के होता है। ऐसे में मरीज को दर्द भी नहीं होता है। कई बार बीमारी की स्थिति को देखते हुए इलाज लम्बा चलता है। होम्यापैथी में बीमारी का इलाज जड़ से होता है।

डॉ. सोनिया टुटेजा, होम्योपैथी विशेषज्ञ

Jitendra Rangey
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