त्वचा रोग, बुखार, जोड़ों में दर्द में फायदेमंद है छोटी सी राई

हृदय की धड़कनें असामान्य हो रही हैं या घबराहट के साथ बेचैनी और कंपन महसूस कर रहे हैं, तो राई को पीसकर अपने हाथों और पैरों पर मलें।

अचार या सब्जी बनाने में राई का प्रयोग स्वाद बढ़ाने के साथ इनकी गुणवत्ता भी बढ़ाता है। राई के ये छोटे-छोटे दाने कई तरह की सेहत से जुड़ी समस्याओं में कारगर होते हैं।

सामान्य धड़कनें : हृदय की धड़कनें असामान्य हो रही हैं या घबराहट के साथ बेचैनी और कंपन महसूस कर रहे हैं, तो राई को पीसकर अपने हाथों और पैरों पर मलें।

त्वचा रोग : राई में मौजूद खास तत्त्व त्वचा संबंधी रोगों के लिए फायदेमंद है। इसके लिए राई को रातभर पानी में भिगोएं। सुबह इस पानी को त्वचा पर लगाने से लाभ होगा।

बुखार : बुखार के साथ कई बार जीभ पर सफेद परत जम जाती है और भूख व प्यास कम हो जाती है। ऐसे में सुबह के समय 4-5 ग्राम राई के चूर्ण को शहद के साथ लें।

जोड़ों में दर्द
राई को पीसकर उसमें थोड़ा कर्पूर मिलाकर जोड़ों पर मालिश करने से आर्थराइटिस और जोड़दर्द में फायदा होता है।

विकास गुप्ता Desk
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