
blood pressure
बीपी कम होना या बढ़ना खतरनाक
ब्लड प्रेशर में धमनी की दीवारों पर रक्त का दबाव पड़ता है। आमतौर पर ब्लड प्रेशर पूरे दिन में कई बार ज्यादा और कम होता है लेकिन यदि यह लंबे समय तक ज्यादा रहे तो सेहत संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। सामान्य ब्लड प्रेशर से अधिक की स्थिति को हाइपर टेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर (हाई बीपी) कहते हैं। ऐसा कई वजहों से हो सकता है उनमें से एक कारण है एथ्रोस्क्लेेरोसिस। धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमने की प्रक्रिया को एथ्रोस्क्लेरोसिस कहते हैं जो सेकेंड्री हाइपर टेंशन का कारण बनता हैैैै। गलत खानपान, व्यायाम की कमी व फैमिली हिस्ट्री होने पर एथ्रोस्क्लेेरोसिस होता है।
हाइपर टेंशन के दो प्रकार होते हैं।
प्राइमरी हाइपर टेंशन
इसकी वजह फिलहाल ज्ञात नहीं।
सेकेंड्री हाइपर टेंशन
किडनी या इसकी धमनियों में रुकावट, गर्भावस्था व एड्रिनल ग्रंथि से संबंधित किसी तकलीफ की वजह से सेकेंड्री हाइपर टेंशन हो सकता है। इसे सेकेंड्री हाइपर टेंशन इसलिए कहते हैं क्योंकि यह किसी अन्य रोग के कारण होता है जैसे ही वह तकलीफ ठीक होती है हाइपर टेंशन भी सही हो जाता है।
बचने के लिए ये करें
-नियमित व्यायाम करें, तनाव से बचें।
-पानी अधिक से अधिक मात्रा में पिएं।
-खाने में फल-हरी सब्जियों को शामिल करें,
-भोजन में नमक का प्रयोग कम से कम करें। खाने में ऊपर से नमक डालने से बचें।
- धूम्रपान व अल्कोहल न लेंं।
-विशेषज्ञ द्वारा बताई दवाओं को नियमानुसार लेंं और इन्हें अपनी मर्जी से ही बंद न करें।
खतरे हैं कई
हाई ब्लड प्रेशर होने पर रक्तधमनियां कठोर व मोटी हो जाती हैं जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक या अन्य रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
हार्ट फेल्योर : हाई प्रेशर के विरुद्ध ब्लड को पंप कराने के लिए हृदय की धमनियां मोटी हो जाती हैं जिससे हार्ट फेल का खतरा बढ़ता है।
नेत्र दोष : आंखों की रक्तवाहिनियां मोटी या संकरी होने से दिखने में समस्या होती है।
कमजोर याददाश्त : हाई ब्लड प्रेशर से सोचने, याद करने व सीखने की क्षमता प्रभावित होती है।
Updated on:
25 Apr 2019 10:55 am
Published on:
25 Apr 2019 10:55 am
