World AIDS Vaccine Day 2019 – जानिए AIDS से जुड़ी ये खास बातें

World AIDS Vaccine Day 2019 – जानिए AIDS से जुड़ी ये खास बातें

Vikas Gupta | Publish: May, 18 2019 01:38:02 PM (IST) डिजीज एंड कंडीशन्‍स

World AIDS Vaccine Day, World AIDS Vaccine Day 2019, AIDS Vaccine Day, AIDS Vaccine - वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे हर साल 18 मई को मनाया जाता है।

World AIDS Vaccine Day, World AIDS Vaccine Day 2019, AIDS Vaccine Day, AIDS Vaccine - वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे हर साल 18 मई को मनाया जाता है। इस दिसव को मनाने का उद्देश्य लोगों को एड्स के प्रति जागरुक करना है। इस दिन को एचआईवी वैक्सीन अवेयरनेस डे भी कहा जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत पहली बार 18 मई 1997 से की गई। आइए वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे के मौके पर जानते हैं एड्स के बारे में कुछ खास बातें।

क्या है एड्स -

एड्स का मतलब है - AIDS यानि एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशियेंसी सिंड्रोम ये HIV वायसर से फैलने वाली बीमारी है।

एक्वायर्ड का मतलब होता है कि व्यक्ति वायरस से इंफेक्टेड है।

इम्यूनो का अर्थ होता है कि वायरस एचआईवी व्यक्ति के इम्यून सिस्टम को एफेक्ट करता है।

डेफिशियेंसी का मतलब होता है कि व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो गई है और ठीक से काम नहीं कर रही है।

सिंड्रोम का अर्थ है कि कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण एड्स से पीड़ित व्यक्ति को अन्य बीमारियों के होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

HIV और AIDS में क्या होता है फर्क -

एचआईवी मतलब ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस है ये व्यक्ति के इम्यून सिस्टम के T-Cells को प्रभावित करता है। वहीं एड्स यानि एक्वायर्ड इम्‍यूनो-डिफिशिएंसी सिंड्रोम एक मेडिकल सिंड्रोम है, जो एचआईवी संक्रमण के बाद सिंड्रोम के रूप में सामने आता है। एचआईवी वायरस ही एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है जिससे एड्स होता है।यदि कोई एचआईवी वायसर से संक्रमित है तो यह जरूरी नहीं कि उसे एड्स हुआ हो। हालांकि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति में एड्स होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। किसी व्‍यक्ति के एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब यह बिल्‍कुल नहीं है कि उसे एड्स है। एचआई संक्रमण और एड्स होना दोनों अलग स्‍टेज हैं। चिकित्‍सक के अनुसार, एचआईवी पॉजिटिव होने का पता चलते ही यदि सावधानी बरती जाए और सही इलाज लिया जाए तो काफी हद तक एड्स से बचा जा सकता है।

बचाव -

शरीर में एचआईवी वायरस के ज्यादा हावी होने पर इसे कंट्रोल करना काफी मुश्किल हा जोता है। एड्स के उपचार में एंटी रेट्रोवाइरल थेरपी और दवाइयों का उपयोग किया जाता है। इन दवाइयों का मुख्य उद्देश्य एचआईवी के प्रभाव को काम करना, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना और इससे होने वाले रोगों को ठीक करना होता है।

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