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इस देश में कोरोना महामारी का सबसे बुरा दौर आना आभी बाकी

संयुक्त राज्य अमेरिका में कोविड-19 महामारी अब तक के अपने सबसे घातक चरण में जा सकती है।
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नई दिल्ली

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Vikas Gupta

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Updated: 10 Nov 2020, 7:23 PM IST

इस देश में कोरोना महामारी का सबसे बुरा दौर आना आभी बाकी

इस देश में कोरोना महामारी का सबसे बुरा दौर आना आभी बाकी

वाशिंगटन । विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका आने वाले ठंड के मौसम और छुट्टियों के लिए तैयार नहीं है। जबकि इस समय तक कोविड-19 महामारी अब तक के अपने सबसे घातक चरण में जा सकती है। द गार्डियन द्वारा रविवार को प्रकाशित लेख के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका उस समय की ओर आगे बढ़ रहा है, जब छुट्टियों में पारिवारिक समारोहों के लंबे दौर चलेंगे और कोविड-19 प्रतिबंधों का पालन नहीं हो पाएगा।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की एक रिपोर्ट में जॉर्जिया के एमोरी स्कूल ऑफ मेडिसिन और ग्रैडी हेल्थ सिस्टम के कार्यकारी सहयोगी डीन कार्लोस डेल रियो ने कहा है कि वाशिंगटन की रणनीति केवल एक शब्द पर चल रही है, वह है - आशा। जाहिर है, आशा या उम्मीद कोई रणनीति नहीं है।

उन्होंने भविष्यवाणी की है कि यदि देश में अभी जैसी ही व्यवस्थाएं रहीं तो थैंक्सगिविंग डे के दौरान नए मामलों की दैनिक संख्या 2 लाख तक पहुंच सकती है। द गार्जियन में ब्राउन यूनिवर्सिटी के आपातकालीन कक्ष के चिकित्सक मेगन राने ने कहा, "हम अब महामारी के सबसे बुरे दौर में जा रहे हैं। महामारी को लेकर देश का भाग्य अगले दो महीनों पर निर्भर करता है।'

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी व्यवसायों की महामारी राहत सहायता समाप्त हो रही है, एक अशुभ संकेत है। इससे लोगों की छंटनी और दिवालिया होने के मामले बढ़ेंगे। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने रविवार को देश में कोविड-19 मामलों की औसत दर 1 लाख दर्ज की है, जो अब तक की सबसे बड़ी दर है। वहीं जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार, रविवार की दोपहर तक अमेरिका में 2,37,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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