जादू टोने के संदेह पर भाई की हत्या कर जंगल में गाढ़ दिया शव

बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के चुण्डावाड़ा गांव में करीब 50 दिन पूर्व एक युवक के अपहरण के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। युवक की उसी रात को हत्या कर शव को जंगल में गाढ़ दिया था और यह जघन्य कृत्य किसी और ने नहीं बल्कि मृतक के ही छोटे भाई ने पत्नी की बीमारी पर जादू टोना किए जाने की आशंका पर किया।

By: Vinay Sompura

Published: 20 Sep 2019, 10:55 PM IST

जादू टोने के संदेह पर भाई की हत्या कर जंगल में गाढ़ दिया शव
- 50 दिन बाद पुलिस ने निकाली सड़ी गली लाश
आरोपित छोटा भाई गिरफ्तार
डूंगरपुर. बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र के चुण्डावाड़ा गांव में करीब 50 दिन पूर्व एक युवक के अपहरण के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। युवक की उसी रात को हत्या कर शव को जंगल में गाढ़ दिया था और यह जघन्य कृत्य किसी और ने नहीं बल्कि मृतक के ही छोटे भाई ने पत्नी की बीमारी पर जादू टोना किए जाने की आशंका पर किया। वारदात में उसकी पत्नी का भाई भी शामिल रहा। पुलिस ने आरोपित भाई को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जंगल में उसके बताए स्थान पर खुदाई कराई तो मृतक का सड़ा गला शव बरामद हुआ।
यह हुई थी घटना
एक अगस्त २०१९ को चुण्डावाड़ा निवासी गौतमनाथ पुत्र बालनाथ जोगी ने बिछीवाड़ा थाने में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि 31 जुलाई की शाम को प्रार्थी आमझरा गांव में सत्संग कार्यक्रम में गया था। दूसरे दिन सुबह बेटी ने फोन पर सूचना दी कि रात करीब नौ बजे अज्ञात लोग प्रार्थी के पुत्र शंकर से मारपीट कर मोटरसाइकिल पर बिठाकर ले गए। इस पर पुलिस ने अपहरण का प्रकरण दर्ज किया था।
हकीकत जान पुलिस भी हुई हतप्रभ
जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी रामजीलाल चंदेल व उपाधीक्षक अनिल मीणा के निर्देशन और थानाधिकारी इंद्रजीत परमार के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने वारदात से जुड़े हर पहलू की गहनता से छानबीन की। इसमें शक की सुई मृतक के भाई रमेश के इर्दगिर्द ही घुम रही थी। पुलिस ने रमेश से कई बार पूछताछ की, लेकिन वह गुमराह करता रहा। बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की, तो उसने जो हकीकत बयां की उसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए।
पत्नी पर जादू टोना करने का था संदेह
पुलिस के मुताबिक रमेश की पत्नी तीन साल से बीमार रह रही थी। इससे रमेश को बड़े भाई शंकर पर जादू टोना करने का संदेह था। इस वजह से दोनों में मनमुटाव भी था। 31 जुलाई को रमेश अपनी पत्नी के भाई सुनील पुत्र हाकरनाथ निवासी धामोद के साथ मोटरसाइकिल से रात नौ बजे घर आया। उस समय शंकर घर के दरवाजे के पास ही स्नान कर रहा था। दोनों भाईयों में बोलचाल होकर झगड़ा हो गया। रमेश ने लट्ठ से शंकर पर वार कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। बाद में शव को बोरे में डालकर साले सुनील की मदद से मोटरसाइकिल पर रख ग्राम पंचायत धामोद के भंवरिया जंगल में दर्रे के पास दफना दिया। पुलिस रमेश को साथ लेकर भंवरिया जंगल पहुंची। वहां ग्रामीणों की मदद से दर्रे के पास खुदाई कराई, तो शंकर का सड़ा गला शव बरामद हुआ। थानाधिकारी परमार के मुताबिक शव बुरी तरह से सड़ चुका है, हालांकि उसका चेहरा पहचान में आ रहा है। फिलहाल शव को जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया है। पोस्टमार्टम शनिवार को होगा। उधर, पुलिस ने आरोपित भाई को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं सुनील की तलाश जारी है।
इस टीम ने किया खुलासा
वारदात का खुलासा करने वाली टीम में थानाधिकारी सहित एएसआई तेजसिंह, कांस्टेबल लोकेंद्रसिंह, हजारी लाल, संदीप कुमार, जितेंद्र सिंह, विनोदकुमार, देवेंद्रप्रताप सिंह, सुनीलकुमार व गोवद्र्धन शामिल है।

Vinay Sompura Bureau Incharge
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