नवरात्रि में पूजा कराने यूपी, बिहार से आए 40 पंडित फंसे दुर्ग में, इधर झारखंड के भूखे मजदूरों के लिए राशन लेकर पहुंचे पुलिस जवान

नवरात्रि पर दुर्ग जिले के अलग-अलग शहरों में पूजा कराने के लिए यूपी, बिहार से आने वाले पंडित इस बार कोरोना वायरस में लॉक डाउन के चलते दुर्ग शहर में फंस गए हैं। जिनकी संख्या लगभग 40 के आसपास है।

By: Dakshi Sahu

Published: 28 Mar 2020, 04:26 PM IST

दुर्ग. हर साल नवरात्रि पर दुर्ग जिले के अलग-अलग शहरों में पूजा कराने के लिए यूपी, बिहार से आने वाले पंडित इस बार कोरोना वायरस में लॉक डाउन के चलते दुर्ग शहर में फंस गए हैं। जिनकी संख्या लगभग 40 के आसपास है। यह सभी पंडित अपने राज्य वापस जाना जाते हैं किंतु व्यवस्था नहीं होने की वजह से दुर्ग पचरी पारा ग्यारसी मल छीतरमल धर्मशाला में ठहरे हुए हैं। (Coron lockdown in chhattisgarh)

लोगों ने बढ़ाया मदद का हाथ
पंडितों के फंसे होने की जानकारी होने पर पचरी पारा निवासी मनोज कुमार साहू मौके पर पहुंचे। इनके लिए सूखे राशन की व्यवस्था करवाई है और इनकी वापसी के लिए दुर्ग कलेक्ट्रेट पहुंचकर संबंधित अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया है।

वापसी के लिए हो रहे परेशान
दुर्ग में फंसे पंडितों का कहना है कि उन्होंने अपना स्वास्थ्य परीक्षण भी करा लिया है। शासन उनके वापसी की व्यवस्था करा दे क्योंकि धर्मशाला में एक साथ 40 लोग फंसे हुए हैं। पूछने पर उन्होंने बताया कि वह शहर में 20 मार्च को पहुंच चुके थे और 22 मार्च से पूरे देश भर में लॉक डाउन लगा है। अपनी वापसी के लिए वह शासकीय दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

झारखंड के पचास मजदूर भिलाई में फंस
झारखंड के करीब 50 मजदूर छावनी एक कंपनी में फंसे हैं। कंपनी में काम बंद हो गया, लेकिन उनके पास खाने के लिए कुछ नहीं। कंपनी संचालक ने मजदूरों की मदद करने से हाथ खड़ा कर दिया। सूचना पर छावनी सीएसपी विश्वास चंद्राकर ने पुलिस जवानों को भेजकर मजदूरों को राशन का पैकेट उपलब्ध कराया।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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