BSP की महिला ऑफिसर करती थी अपने पुरुष सहकर्मी को ब्लेकमेल, घर में बुलाती थी अकेले मिलने, फिर हुआ ये सब...

BSP की महिला ऑफिसर करती थी अपने पुरुष सहकर्मी को ब्लेकमेल, घर में बुलाती थी अकेले मिलने, फिर हुआ ये सब...

Dakshi Sahu | Publish: Aug, 14 2019 04:45:55 PM (IST) Durg, Durg, Chhattisgarh, India

भिलाई इस्पात सयंत्र (Bhilai steel plant) के सेक्शन ऑफिसर सेक्टर-1 भिलाई निवासी सुशीला नायर (52) पर अब मानहानि का मुकदमा चलेगा।

दुर्ग. भिलाई इस्पात सयंत्र (Bhilai steel plant)के सेक्शन ऑफिसर सेक्टर-1 भिलाई निवासी सुशीला नायर (52) पर अब मानहानि का मुकदमा चलेगा। बीएसपी के ही एक कर्मचारी रूआंबांधा निवासी मधु कुमार स्वर्णकार ने फोन और मैसेज कर परेशान करने और ब्लेकमेल करने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ न्यायालय (Durg court)में परिवाद प्रस्तुत किया है। न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने परिवाद के साथ प्रस्तुत साक्ष्य को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए प्रकरण दर्ज कर लिया है। इस मामले में सुनवाई 16 अगस्त को होगी।

परिवादी मधु कुमार स्वर्णकार ने न्यायालय को बताया कि वह सुशीला नायर को एक अधिकारी के रूप में जानता है और पहचानता है। वह फरवरी 2017 से उसे अकारण तंग कर रही है। कभी भी फोन और एसएमएस कर उसे ऑफिस या फिर अपने घर आने के लिए मजबूर करती हैं। एक अधिकारी का सम्मान करते हुए उसके बुलाने पर गया भी, लेकिन सुशीला नायर के मन मुताबिक कार्य नहीं करने पर वह अन्य कर्मचारियों से फोन करवाकर घर आने के लिए दबाव बनाने लगी। शुरूआत में उन्होंने इन सब बातों को नजर अंदाज किया। महिला अधिकारी ने धीरे धीरे उसे ब्लेकमेल करना शुरू कर दिया। घर में लगे टैलीफोन पर कॉल कर वह भ्रामक और मनगढ़त जानकारी देने लगी। महिला अधिकारी के इस हरकत की वजह से उसका परिवार तबाही के कगार पर पहुंच गया है।

शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई तो पहुंचा न्यायालय
परिवादी मधु कुमार ने परिवाद में खुलासा किया है कि उन्होंने पहले भठ्ठी थाना, महिला थाना, कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई का अनुरोध किया। शिकायत पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। तब उन्होंने न्यायालय में परिवाद पेश किया।

न्यायालय ने महिला अधिकारी को किया इस धारा से मुक्त
परिवाद में महिला अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी, गाली गलौज करने और आइटी एक्ट की धारा के तहत मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया गया था। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने धोखाधड़ी, गाली गलौज और आइटी एक्ट जैसे धारा में प्रकरण दर्ज करने साक्ष्य नहीं पाए जाने पर सुशीला नायर को इन धाराओं से मुक्त कर दिया।

न्यायालय में केवल मानहानी और धमकी देने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया। परिवादी के अधिवक्ता रामबाबू गुप्ता ने बताया कि मानहानि का मुकदमा दो तरह का होता है। सिविल के तहत सम्मान की हानि के लिए क्षतिपूर्ति निर्धारण किया जाता है। दूसरा अपराधिक प्रकरण के तहत चलता है। न्यायाधीश देवेन्द्र साहू के न्यायालय में जो प्रकरण दर्ज हुआ वह अपराधिक है। इसमें तीन साल कारावास की सजा का प्रवधान है।

बातचीत का आडियो वायरल करने की धमकी दी
परिवादी कर्मचारी ने न्यायालय को बताया कि सेक्सन अधिकारी ने उसके पारिवारिक मामलों में दखल देना शुरू कर दिया। देवर भाभी के रिश्ते पर अफवाह फैलाने लगी। अकेले में नहीं मिलने पर महिला अधिकारी ने मोबाइल पर बातचीत को रिकार्ड करने और उसे सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी दी।

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