डॉ. सर्वेश्वर को मिली CM के गृह जिले की कमान, पेशे से डॉक्टर और IAS ऑफिसर का है जबरदस्त कॉम्बिनेशन

राज्य शासन ने प्रशासन में कसावट के मद्देनजर IAS अफसरों का तबादला करते हुए डॉक्टरी छोड़कर आईएएस बने डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को जिले का नया कलेक्टर बनाया है। (Durg Collector)

By: Dakshi Sahu

Published: 27 May 2020, 11:56 AM IST

दुर्ग. कोरोना के साथ डेंगू और पीलियां का दंश झेल रहे जिले का कमान अब एक प्रशिक्षित डॉक्टर के हाथों में होगा। राज्य शासन ने प्रशासन में कसावट के मद्देनजर आईएएस अफसरों का तबादला करते हुए डॉक्टरी छोड़कर आईएएस बने डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को जिले का नया कलेक्टर बनाया है। प्रशासनिक लिहाज से अच्चा काम कर रहे आईएएस अंकित आनंद को 16 महीने के कार्यकाल के बाद जिले से रवाना कर दिया गया है। (Covid-19)

डॉक्टरी छोड़ बने आईएएस
2011 बैच के आईएएस डॉ. सर्वेश्वर भूरे इससे पहले मुंगेली में कलेक्टर थे। पुणे के बीजे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के बाद उन्होंने पै्रक्टिस भी की है। वे कवर्धा में जिला पंचायत सीईओ भी रहे हैं और उन्हीं की निगरानी में भोरमदेव शक्कर कारखाना का निर्माण हुआ है। बताया जा रहा है कि उनके चिकित्सकीय अनुभव को ध्यान में रखते हुए कई साल से डेंगू और पीलिया का दंश झेल रहे जिले में उनकी पदस्थापना की गई है। इसके अलावा उनकी प्रदेश में पदस्थापना से लेकर अब तक निर्विवाद छवि को भी कारण बताया जा रहा है। मौजूदा कलेक्टर आईएएस अंकित आनंद को नया रायपुर का सीईओ बनाया गया है।

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सीईओ कुंदन का भी सात माह में तबादला
जिला पंचायत के सीईओ आईएएस कुंदन कुमार का भी सात माह में तबादला कर दिया गया है। उन्होंने नवंबर में जिले में पदभार ग्रहण किया था। उन्हें अब कोरबा का सीईओ बनाया गया है। वहीं उनकी जगह पर सच्चिदानंद आलोक को दुर्ग जिपं का सीईओ बनाया गया है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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