अमलेश्वर में 50 एकड़ में अवैध प्लाटिंग, कल्पतरू बिल्डर्स सहित सात के अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का जेसीबी

राजधानी रायपुर से लगे अमलेश्वर में ले-आउट की मंजूरी के बिना अवैध प्लाटिंग और बिना लाइसेंस कॉलोनी निर्माण करने वाले कल्पतरू बिल्डर्स सहित सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

By: Dakshi Sahu

Published: 30 Jan 2021, 02:12 PM IST

दुर्ग. राजधानी रायपुर से लगे अमलेश्वर में ले-आउट की मंजूरी के बिना अवैध प्लाटिंग और बिना लाइसेंस कॉलोनी निर्माण करने वाले कल्पतरू बिल्डर्स सहित सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इन लोगों ने दर्जनभर रकबे के करीब 50 एकड़ एरिया में अवैध प्लाटिंग व कॉलोनी विकसित करने की मंशा से सड़क, बाउंड्रीवाल व कच्चा-पक्का निर्माण किया गया था। गुरुवार को इन्हें जेसीबी से तोड़कर हटाया गया। इसके साथ ही दोबारा अवैध प्लाटिंग व कॉलोनी निर्माण करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। टाउन प्लानिंग के संयुक्त संचालक विमल बगवैया ने बताया कि अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए टाउन प्लानिंग व राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत पिछले दिनों मास्टर प्लान एरिया में शामिल ग्राम पंचायत अमलेश्वर में बिना ले-आउट मंजूरी और कालोनाइजर रजिस्ट्रेशन कराए अवैध प्लाटिंग करने व सड़क व अन्य निर्माण किए जाने की शिकायत पर जांच कराई गई थी।

अमलेश्वर में कल्पतरू बिल्डर्स एंड डेवलपर्स और अमलेश्वर के खुड़मुड़ा रोड में रूपराम साहू व अन्य, रामनारायण पिता समर सिंह यादव व अन्य 6, अलख पिता मुकुन्द साहू व अन्य, श्याम रतन पिता प्यारेेलाल राउत व चन्द्रमोहन यादव पिता बंशी लाल व अन्य 4 के द्वारा खसरा क्रमांक 946, 945, 736/1, 735/2, 738/1, 918/1, 920/1, 878/1, 920/3, 918/2, 920/2 में अवैध विकास की पुष्टि हुई थी। इस पर सभी को नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 व छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत अधिनियम 1993 और छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत नियम 1999 संशोधन 2015 के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बाद भी निर्माण नहीं हटाए जाने पर गुरूवार को हटाने की कार्रवाई की गई।

बिल्डर ने बना लिया था बाउंड्रीवाल व गेट
टाउन प्लानिंग के अफसरों से मिली जानकारी के मुताबिक कल्पतरू बिल्डर्स ने बड़े इलाके में अवैध प्लाटिंग कर कालोनी निर्माण के लिए गेट व बाउंड्रीवाल बना लिए थे। बताया जा रहा है कि बिल्डर ने जमीन का डायवर्सन भी नहीं कराया था। इसके अलावा ले-आउंट की मंजूरी भी नहीं ली थी। लिहाजा प्लाटिंग के लिए बनाए गए मार्किंग के साथ गेट व बाउंड्रीवाल को तोड़कर हटाया गया।

दो विभाग ने मिलकर की कार्रवाई
अवैध प्लाटिंग व कॉलोनी निर्माण के खिलाफ टाउन प्लानिंग व राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के लिए प्रभारी संयुक्त संचालक टाउन प्लानिंग विमल बगवैया की अगुवाई में बनाई गई टीम में आलोक वर्मा नायब तहसीलदार पाटन, मनोज कुमार रस्तोगी राजस्व निगम पाटन, पटवारी अश्वनी वर्मा, प्रतीक दीक्षित सहायक संचालक टाउन प्लानिंग, वरिष्ठ शोध सहायक अनूप कुमार गढ़े मौजूद थे।

एक सप्ताह के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई
दुर्ग-भिलाई के संयुक्त मास्टर प्लान के विरूद्ध अवैध प्लाटिंग व कॉलोनी निर्माण के खिलाफ एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले आईआईटी भिलाई से लगे खपरी और सिरसाखुर्द में भी इसी तरह कार्रवाई की गई थी। यहां भी दर्जनभर रकबे में लोगों ने अवैध प्लाटिंग कर रखा था। यहां भी जेसीबी के माध्यम से सड़क व अन्य निर्माण कार्य तोड़कर हटाया गया। अफसरों ने बताया कि जल्द ही अन्य इलाकों में भी कार्रवाई की जाएगी। विमल बगवैया संयुक्त संचालक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने बताया कि शासन के निर्देश पर ले-आउट की मंजूरी और कॉलोनाइजर लाइसेंस के बिना निर्माण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। जांच में ऐसे इलाके चिन्हित किए गए हैं। जल्द ही अन्य इलाकों में भी कार्रवाई की जाएगी।

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