विधानसभा पहुंचा भारतमाला परियोजना, MLA ने ध्यानाकर्षण में उठाया मुआवजा में गड़बड़ी और किसानों के जमीन अधिग्रहण का मुद्दा

भारतमाला परियोजना के तहत दुर्ग-रायपुर के बीच सिक्सलेन सड़क प्रस्तावित है। इस सड़क के लिए राजनांदगांव के 2 गांव, दुर्ग के 12 गांव, पाटन के 13 गांव, अभनपुर के 15 गांव और आरंग के 19 गांवों के किसानों से जमीन अधिग्रहित की गई है।

By: Dakshi Sahu

Updated: 29 Jul 2021, 02:08 PM IST

दुर्ग. भारतमाला परियोजना की दुर्ग-रायपुर के बीच प्रस्तावित सिक्सलेन एक्सप्रेस हाइवे के लिए किसानों से जमीन अधिग्रहण और इसके एवज में मुआवजे की गणना में गड़बड़ी का मामला अब विधानसभा पहुंच गया है। दुर्ग विधायक अरुण वोरा ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से मामले को सदन की पटल पर रखा है। उन्होंने मामले में तीन महत्वपूर्ण सवाल भी रखा है। भारतमाला परियोजना के तहत दुर्ग-रायपुर के बीच सिक्सलेन सड़क प्रस्तावित है। इस सड़क के लिए राजनांदगांव के 2 गांव, दुर्ग के 12 गांव, पाटन के 13 गांव, अभनपुर के 15 गांव और आरंग के 19 गांवों के किसानों से जमीन अधिग्रहित की गई है। सड़क के लिए 2282 किसानों की 746.61 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण सितंबर 2018 को किया गया है। 2300 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में 704 करोड़ रुपए मुआवजा के रूप में वितरित किया जाना है, लेकिन मुआवजे के लिए 3 साल से संघर्ष कर रहे है। इधर जमीन के अधिग्रहण और मुआवजे की गणना में गड़बड़ी का मामला सामने आ गया है। विधायक ने तमाम मामले में सदन का ध्यान आकृष्ट कराया है।

विधायक ने ध्यानाकर्षण में यह रखा है सवाल
0 दुर्ग, राजनांदगांव और आरंग के कितने किसानों ने गलत मुआवजा राशि निर्धारण के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका लगाई है।
0 92.5 किमी मार्ग के अधीन किसनों के भूमि के लिए मुआवजा राशि का निर्धारण किस दर से किया है।
0 क्या दुर्ग, पाटन, अभनपुर और आरंग के किसानों के मुआवजा का निर्धारण अलग-अलग दर पर किया जा रहा है।

पत्रिका को बनाया आधार
विधायक अरुण वोरा ने पत्रिका के खबरों को आधार बनाकर ध्यानाकर्षण में यह मामला उठाया है। उन्होंने बताया कि जिले का जनप्रतिनिधि होने के नाते वे मामले से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पत्रिका ने जिन गड़बडिय़ों का जिक्र किया है, उनकी पुष्टि किसानों ने भी की है। इसलिए मामला सदन के संज्ञान में लाया गया।

मामला पहले ही हाईकोर्ट में
जमीन के अधिग्रहण और मुआवजा की गणना में कथित तौर पर भू-अर्जन अधिकारी और नेशनल हाईवे ने भारी गड़बड़ी की है। किसानों की याचिका पर इस पर पहले ही हाईकोर्ट में सुनावाई चल रही है। दुर्ग, राजनांदगांव व आरंग के 59 किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने भू-अर्जन और नेशनल हाईवे के अधिकारियों को तलब कर 5 बिंदुओं पर जवाब भी मांगा है। विधायक दुर्ग अरूण वोरा ने बताया कि भारतमाला परियोजना का मामला ध्यानाकर्षण के माध्यम से विधानसभा में रखा गया है। दूसरे मुद्दों पर सदन में गतिरोध के कारण इस पर अभी जवाब नहीं आया है। मामला बेहद गंभीर है। किसानों के हित से जुड़े मामले में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होना चाहिए। किसानों को उनका वास्तविक हक मिलना चाहिए।

Dakshi Sahu
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