भाई दूज 2019 : इस शुभ मुहूर्त पर करें भाई को तिलक, प्यार बढ़ने समेत होंगे ये 10 फायदे

  • Bhai Dooj 2019 : भाई दूज का पर्व यमुना और यमराज को समर्पित होता है

By: Soma Roy

Updated: 29 Oct 2019, 10:32 AM IST

नई दिल्ली। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है। यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते की डोर को और मजबूत बनाता है। अगर इस दिन भाई को शुभ मुहूर्त पर तिलक किया जाए तो भाई की लंबी आयु समेत और भी कई लाभ होते हैं।

1.पंडित दीनानाथ शुक्ला के अनुसार इस बार भाई दूज पर तिलक का शुभ मुहूर्त 1:11 मिनट से 3:23 बजे तक है।

2.भाई दूज पर्व भगवान सूर्यदेव और छाया के पुत्र-पुत्री यमराज-यमुना से संबंधित है। यमुना अक्सर अपने भाई यमराज से स्नेहवश निवेदन करती थी कि वे उनके घर आकर भोजन ग्रहण करें। लेकिन यमराज व्यस्त रहने के कारण यमुना की बात को हमेशा टाल देते थे। कार्तिक माह के शुक्ल द्वितीया को यमुना अपने द्वार पर भाई यमराज को अचानक खड़ा देखकर बेहद खुश गईं। प्रसन्नचित्त होकर भाई का स्वागत सत्कार कर वह स्नेह से भोजन करवाया। इसी के चलते भाई दूज का पर्व मनाया जाता है।

3.मान्यता है कि भाई दूज के दिन नहा-धोकर स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण करें। साथ ही भगवान की चौकी बिठाकर उनकी पूजा-अर्चना करें।

4.भाई दूज के दिन यमुना यम की पूजा करती हैं। इसलिए काजल में सफेद चंदन मिलाकर भाई का तिलक करना चाहिए। इससे भाई की उम्र लंबी होती है।

5.तिलक के बाद अक्षत यानि चावल लगाएं। ध्‍यान रहे कि चावल खंड‍ित न हो।

dooj.jpeg

6.भाई दूज के दिन भगवान के सामने कुमकुम और रोली से आठ दल वाला कमल का फूल बनाएं। इसमें यम और यमुना की फोटो रखें।

7.भाई दूज के दिन भाई को पीले रंग का कलावा भी बांधे। इससे भाग्य वृद्धि होगी।

8.इस दिन अगर भाई अपनी बहन को कोई उपहार दें तो शुभ रहता है।

9.भाई दूज के दिन भाई-बहन को मिलकर भोजन करना चाहिए। इससे प्रेम बढ़ता है।

10.आज के दिन काले तिल या काली उड़द की दाल का दान करना भी अच्छा माना जाता है।

Soma Roy Content Writing
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned