कभी जमीन पर सोते थे सुंदर पिचाई, टिकट के भी नहीं थे पैसे, ऐसे बने Google के CEO, जानें 10 रोचक बातें

  • कभी जमीन पर सोते थे गूगल CEO सुंदर पिचाई
  • एयर टिकट के भी पैसे नहीं थे

Vivhav Shukla

December, 0403:17 PM

नई दिल्ली। गूगल (Google) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) का प्रमोशन हो गया है। अब पिचाई को गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) का भी  CEO बना दिया गया है।साल 2015 में गूगल ने अल्फाबेट की स्थापना की थी. भारतीयों के लिए यह गर्व की बात है कि इस कंपनी ने सुंदर पिचाई को अपनी दूसरी कंपनी में भी CEO बनाया है।आइए जानते हैं सुंदर पिचाई  के बारे में 10 रोचक बातें साथ ही ये भी जानते हैं कि उन्होंने ये मुकाम कैसे हासिल किया।

1- सुंदर पिचाई का जन्म 1972 में भारत के तमिलनाडु राज्य में हुआ था।सुंदर की माँ स्टेनोग्राफर थीं और उनके पिता एक ब्रितानी कंपनी जीईसी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे।

2- सुंदर ने चेन्नई स्थित जवाहर विद्यालय से पढ़ाई की शुरुआत की और फिर आईआईटी खड़गपुर में बीटेक की पढ़ाई करने चले गए। यहां उन्हें अपने बैच में सिल्वर मैडल प्राप्त हुआ।

3- B.Tech की डिग्री लेने के बाद सुंदर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमएस किया और बाद में पेनसिलवेनिया यूनिवर्सिटी के वार्टन स्कूल से MBA किया।

4- MBA करने के बाद पिचाई ने कन्सल्टिंग कंपनी मैकिन्ज़ी के प्रॉडक्ट मैनेजमेंट विभाग में कई सालों तक काम किया।

5- साल 2004 में सुंदर पिचाई को गूगल में नौकरी मिल गई। यहां वे बतौर प्रोडक्ट मैनेजर काम किया। यहां उन्होंने एंड्रॉयड, क्रोम, गूगल एप्स, सर्च, रिसर्च, मैप्स, कॉमर्स, एड्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और गूगल प्लस को संभालते रहे। बाद में कदम दर कदम बढ़ाते हुए इस मुकाम तक पहुंचे हैं।

6- साल 2008 में उन्हें प्रोडक्ट डेलवपमेंट का वाइस प्रेसिंडेट बनाया गया। जिसके बाद 2015 में उन्हें गूगल का सीईओ बनाया गया।

7-. सुंदर पिचाई ने जीमेल और गूगल मैप ऐप्स तैयार किए जो रातोंरात लोकप्रिय हो गए।इन ऐप्स ने उन्हें बहुत ऊंचे मुकाम तक पहुंचाया।

8- पिचाई को ट्विटर को ज्वाइन करने का भी ऑफर आया था, लेकिन गूगल ने उन्हें मोटा पैसा (करीब 305 करोड़ रुपये) देकर रोक लिया था।गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के तौर पर 2018 में पिचाई को वेतन के रूप में करीब 47 करोड़ डॉलर (करीब 3,337 करोड़ रुपये) मिले थे।

9- एक इंटरव्यू में सुंदर पिचाई बताया था, 'मेरा जीवन साधारण रहा है।बचपन में मेरा एक मामूली था घर था। जिसे किराए पर भी लगाया गया था. मैं और मेरा परिवार जमीन पर ही सोते थे।

10- पिचाई ने बताया IIT खड़गपुर में दाखिला लिया और फिर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए स्कॉलरशिप हासिल कर ली। लेकिन मेरे पास एयर टिकट के भी पैसे नहीं थे, ऐसे में पिता को मेरे लिए लोन तक लेना पड़ गया था।

Vivhav Shukla
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