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देश के राज्यपालों ने किसानों की आय दोगुनी करने के दिए 21 उपाय, राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट

राज्यपालों की समिति ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपी रिपोर्ट में वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने के उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श करते हुए कुल 21 सिफारिशें सौंपी हैं।
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Saurabh Sharma

Oct 27, 2018

Farmers

देश के राज्यपालों ने किसानों की आय दोगुनी करने के दिए 21 उपाय, राष्ट्रपति को सौंपी रिपोर्ट

नर्इ दिल्ली। कृषि क्षेत्र को लाभप्रद बनाने और इसकी आर्थिक दशा सुधारने के उपाय सुझाने के लिये गठित की गर्इ राज्यपालों की समिति ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपी रिपोर्ट में वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने के उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श करते हुए कुल 21 सिफारिशें सौंपी हैं। यह समिति जून में राज्यपालों के सम्मेलन 'अप्रोच टू एग्रीकल्चर - ए हॉलिस्टिक ओवरव्यू’ पर गठित की गर्इ थी। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की अध्यक्षता में गठित इस समिति में कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई बाला, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और हरियाणा के तत्कालीन राज्यपाल कप्तान ङ्क्षसह सोलंकी शामिल थे।

महिलाआें की भूमिका
रिपोर्ट में सभी राज्यपालों के विचारों और सुझावों को शामिल किया गया है। ये सुझाव खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, जल सुरक्षा, पर्यावरण सुरक्षा, जैविक कृषि तथा कृषि में महिलाओं की भूमिका से संबंधित है। राज्यपालों की समिति ने भूमि, जल, बीज, उर्वरक, ऊर्जा, बाजार आदि को सरलीकृत किए जाने की तत्काल आवश्यकता बतार्इ है ताकि वास्तविक किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया जा सके। कृषि क्षेत्र के समग्र विकास में ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये सौर एवं पवन ऊर्जा को ग्रिड आपूर्ति से जोडऩे का सुझाव दिया है। समिति ने कहा है कि कुपोषण से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनवाडी को कॉर्पोरट सामाजिक दायित्व से जोड़ा जाना चाहिए।

दिए महत्वपूर्ण सुझाव
समिति ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम की दर पांच फीसदी से घटाकर फसलों की भांति 2.5 फीसदी करने का भी सुझाव दिया है। यह प्रीमियम 90:10 के अनुपात में होना चाहिए। इससे उत्तर प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और ओडिशा आदि राज्यों के किसानों को लाभ होगा। इसके अलावा मनरेगा को कृषि कार्यों से जोडऩे का सुझाव दिया गया है। राज्यपालों ने बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छोटी जोतों को लाभकारी बनाने पर बल दिया है और'अनुबंध कृषि' का सुझाव दिया है।