2018 में यूके, फ्रांस को पछाड़ भारत 5 वीं बड़ी अर्थव्यवस्था होगी

2018 में यूके, फ्रांस को पछाड़ भारत 5 वीं बड़ी अर्थव्यवस्था होगी

Manish Ranjan | Publish: Dec, 26 2017 03:29:08 PM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

रुकावटों को बावजूद आगे बढ़ रही है इकोनॉमी

लंदन. भारत की अर्थव्यस्था के लिए नया साल खुशिया लाने वाला साबित होगा। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नए साल में भारत यूके और फ्रांस को पछाड़ कर दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था हो जाएगी। सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च (सीईबीआर) कंसल्टेंसी २०१८ वल्र्ड इकोनॉमिक लीग टेबल में सस्ती ऊर्जा टेक्नोलॉजी की कीमतों को आधार बना कर वैश्विक अर्थव्यवस्था में होने वाले बदलाव के बारे में बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की ग्रोथ ट्रेंड का हिस्सा है। वहीं अगले 15 सालों में एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था शीर्ष 10 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर हावी हो जाएगी।

रुकावटों को बावजूद आगे बढ़ रही है इकोनॉमी

सीईबीआर के डिप्टी चेयरमैन डगलस मैकविलियम्स ने कहा कि अस्थायी रुकावटों के बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है और 2018 में यह ब्रिटेन को पीछे छोडक़र डॉलर में यह दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। मैक विलियम्स ने कहा कि भारत की ग्रोथ नोटबंदी और जीएसटी की वजह से थोड़ी धीमी पड़ी है।

2032 तक अमरीका को पछाड़ देगा चीन

सीईबीआर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2032 तक अमेरिका को पछाड़ कर चीन दुनिया की नंबर वन अर्थव्यवस्था होगी। इसके पीछे मुख्य वजह व्यापार पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रभाव अनुमान की तुलना में बहुत कम रहने की संभावना है। अगले कुछ सालों में ब्रिटेन भी फ्रांस से पिछड़ जाएगा, सीईबीआर ने अनुमान जताया है कि ब्रेक्जिट का प्रभाव ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर अनुमान की तुलना में बहुत कम होगा, जिससे यह 2018 और 2022 में दोबारा फ्रांस से आगे निकल जाएगा।

11 से 17 वें स्थान पर पहुंच जाएगा रूस

रूस कम तेल कीमतों और बहुत अधिक ऊर्जा सेक्टर पर निर्भर रहने की वजह से 2032 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की लिस्ट में 17वें स्थान पर पहुंच जाएगा, अभी वह 11वें स्थान पर है। अक्टूबर में किए गए एक पोल में 2018 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 3.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है, जिसके 2017 में 3.5 प्रतिशत रहने की संभावना है।

दुनिया की टॉप-7 इकोनॉमी

देश जीडीपी
अमरीका 18.57 लाख करोड़ डॉलर

चीन 11.2 लाख करोड़ डॉलर
जापान 4.9 लाख करोड़ डॉलर

जर्मनी 3.46 लाख करोड़ डॉलर
ब्रिटेन 2.61 लाख करोड़ डॉलर

फ्रांस 2.46 लाख करोड़ डॉलर
भारत 2.26 लाख करोड़ डॉलर

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